बीएचयू परिसर में एक हजार लोगों के बैठने की क्षमता वाले विश्वस्तरीय ऑडिटोरियम के प्रस्ताव को कार्यकारिणी परिषद की मंजूरी मिल गई है। इसमें आधुनिक सुविधाओं से लैस तीन हॉल बनाए जाएंगे। जिससे जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय सेमिनार सहित अन्य आयोजनों में एक साथ तीन तकनीकी सत्र भी चलाए जा सकेंगे।
विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एके त्रिपाठी ने बताया कि नवंबर 2020 में विज्ञान संस्थान की ओर से कराए गए शैक्षणिक, औद्योगिक समागम में शामिल हुए संत सांगनेरिया फाउंडेशन के संस्थापक संत सांगनेरिया ने ऑडिटोरियम का प्रस्ताव दिया था। शुक्रवार को प्रभारी कुलपति की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी परिषद (ईसी) की बैठक में इस पर मुहर लगा दी गई है। जल्द ही यहां लेआउट बनाने सहित अन्य औपचारिकताएं शुरू हो जाएंगी। फाउंडेशन की ओर से ही बीएचयू में स्वतंत्रता भवन के पास ही ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। स्वतंत्रता भवन के बाद यह दूसरा बड़ा ऑडिटोरियम होगा।
तीन अलग-अलग हॉल में होगी बैठने की सुविधा
नई दिल्ली स्थित फाउंडेशन की ओर से बनाए जाने वाले ऑडिटोरियम में 500 लोगों के बैठने की क्षमता का एक हॉल, जबकि 250-250 लोगों के बैठने की क्षमता के दो हॉल होंगे। यहां पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन सहित अन्य सुविधाएं भी मौजूद रहेंगी।
गैलरी में दिखेगी काशी की विरासत
ऑडिटोरियम की गैलरी में काशी की विरासत भी देखने को मिलेगी। यहां काशी के घाटों के साथ ही बीएचयू परिसर से जुड़ी कुछ तस्वीरों को भी लगाया जाएगा, जिससे यहां आने वाले लोगों को बीएचयू के साथ ही घाट सहित अन्य जानकारियां मिल सकें।
विश्वविद्यालय परिसर में संत सांगनेरिया फाउंडेशन की ओर से बनाए जाने वाले ऑडिटोरियम के प्रस्ताव पर ईसी की मुहर के बाद अब नियमानुसार अन्य औपचारिकताएं भी शुरू कराई जाएंगी। -प्रो.वीके शुक्ला, प्रभारी कुलपति, बीएचयू