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वाराणसी से हल्दिया जलमार्ग को लगे पंख, वर्ल्ड बैंक से 375 मिलियन डॉलर का लोन स्वीकृत

Sun, 04 Feb 2018 10:22 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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world bank
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गंगा में वाराणसी से हल्दिया तक लगभग 1360 किलोमीटर लंबे जलमार्ग को जल परिवहन के रूप में विकसित करने की योजना को पंख लगने लगे हैं। इसके लिए वर्ल्ड बैंक ने 375 मिलियन डॉलर का लोन स्वीकृत कर दिया है।
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शुक्रवार को दिल्ली में हुई बैठक में भारत सरकार और वर्ल्ड बैंक के बीच समझौता हुआ। जून से यह फंड मिलना शुरू हो जाएगा। इनलैंड वाटरवेज अथारिटी ऑफ इंडिया की ओर से गंगा में वाराणसी से हल्दिया के समुद्र तट तक जलमार्ग विकास परियोजना को विकसित किया जा रहा है।

ऐसे में बड़े-बड़े जलपोत गंगा में तैरते नजर आएंगे। इस योजना की लागत लगभग 800 मिलियन डॉलर (लगभग 5369 करोड़) है। इसमें से 375 मिलियन डॉलर वर्ल्ड बैंक लोन देगा और 380 मिलियन डॉलर भारत सरकार खर्च करेगी।
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वहीं बाकी पैसा पीपीपी मॉडल के तहत आएगा। वर्ल्ड बैंक तभी लोन देता है जब प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी मिल जाए और लगभग 30-40 प्रतिशत कार्य हो जाए।

राष्ट्रीय जलमार्ग 1 पर जल परिवहन विकास योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद शुक्रवार को समझौते पर वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामला विभाग के संयुक्त सचिव समीर कुमार खरे, उपाध्यक्ष और योजना निदेशक आईडब्ल्यूएआई प्रवीर पांडेय तथा वर्ल्ड बैंक इंडिया के कंट्री डायरेक्टर जुनैद अहमद ने हस्ताक्षर किए।

समझौते के साथ ही अब फंड मिलने का रास्ता साफ हो गया है। जून से फंड मिलना शुरू हो जाएगा। बता दें कि पहले प्रोजेक्ट के लिए जरूरी 800 मिलियन डॉलर वर्ल्ड बैंक देने वाला था पर बाद में भारत सरकार ने लोन का प्रतिशत घटाकर 380 मिलियन डॉलर और बाकी के पीपीपी मॉडल से जुटाने की योजना बनाई।
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टर्मिनल को तैयार करने का लक्ष्य नवंबर तक

demo pic
इस साल के नवंबर माह तक रामनगर में मल्टी मॉडल टर्मिनल को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। सूत्रों की मानें तो टर्मिनल उससे पहले ही बनकर तैयार हो जाएगा। इधर, गंगा में ड्रेजिंग करने का काम शुरू हो गया है। अब नेविगेशन व अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

जिउनाथपुर से रेल कनेक्टिविटी और बिजली का कनेक्शन अभी तक निर्माणाधीन टर्मिनल को नहीं मिल पाया है। जमीन अधिग्रहण न होने की वजह से यह समस्या आ रही है। अभी टर्मिनल का सारा काम जनरेटर से हो रहा है जबकि सालभर पहले ही बिजली कनेक्शन के लिए रुपये जमा कराए जा चुके हैं।

आईडब्ल्यूएआई के योजना निदेशक प्रवीर पांडेय का कहना है कि वर्ल्डबैंक के साथ 375 मिलियन लोन का एग्रीमेंट हो गया है। इससे जलपरिवहन योजना को और रफ्तार मिलेगी।
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