वहीं पूर्व शाखा सचिव प्रदीप कुमार मिश्र ने बताया कि इस सरकार ने कई अच्छे कार्य किए हैं लेकिन सरकारी कर्मचारियों के प्रति इनकी नीतियां स्पष्ट नहीं हैं। एयरपोर्ट यदि निजी हाथों में चला जाएगा तो यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा साथ ही यात्री सुविधाओं में भी कटौती होगी।
अमृतसर में तैनात एयरपोर्ट अथॉरिटी कामगार यूनियन के नेता और पूर्व शाखा सचिव संजय सिंह ने कहा कि निजीकरण के विरोध में सभी कर्मचारी एकजुट हैं। पक्ष और विपक्ष सभी एक फोरम बनाकर एक साथ हैं। हमारे साथ भारतीय मजदूर संघ और देश के अन्य मजदूर संघ के नेता साथ हैं।