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ओबरा तापीय परियोजना अग्निकांड में हुई कार्रवाई से कर्मचारी खफा, दिया धरना

Sun, 18 Aug 2019 03:02 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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प्रदर्शन करते कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
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सोनभद्र के ओबरा तापीय परियोजना में 14 अक्टूबर 2018 को हुए अग्निकांड मामले में अधिकारियों पर हुई कार्रवाई के बाद विद्युत अभियंताओं, कर्मचारियों में असंतोष है। इस कार्रवाई के खिलाफ विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अभियंताओं, कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। यहां सभा कर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए इसकी निंदा की। साथ ही सरकार से इस दंडात्मक कार्रवाई को वापस लेने की मांग की।

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सभा में विद्युत अभियंताओं व कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन के इस कार्रवाई की निंदा की गई। निगम प्रबंधन, प्रदेश सरकार से मांग किया कि अनपरा, ओबरा के अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध की गयी दंडात्मक कार्रवाई का आदेश तत्काल निरस्त किया जाय। भविष्य में इस प्रकरण में किसी अभियंता या कर्मचारी को दोषी मानकर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई ना की जाए।

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विरोध सभा में अभियंता संघ ओबरा-पिपरी क्षेत्र के क्षेत्रीय सचिव इं. अदालत वर्मा, केंद्रीय उपाध्यक्ष इं. बीएन सिंह, जेई संगठन के अभय प्रताप सिंह, बिजली कर्मचारी संघ के प्रांतीय नेता अजय सिंह तथा हाइड्रो इलेक्ट्रिक इम्प्लाइज यूनियन के कार्यवाहक अध्यक्ष हरदेव तिवारी ने कहा कि प्रबंधन एक तरफ तो बिजली कर्मियों को आवश्यक मैन, मैटीरियल एवं बुनियादी सुविधायें उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रहा है।

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अपने विफलता को छिपाने एवं ध्यान भटकाने के लिए दंड एवं भय पैदा कर बिजली कर्मियों का मनोबल तोड़ना चाहता है। अन्य वक्ताओं में इं. एमएल पांडेय, ताप विद्युत मजदूर संघ के सचिव सत्य प्रकाश, चतुर्थ श्रेणी श्रमिक संगठन के विजय सिंह, शाहिद अख्तर, मृणाल पाल ने कहा कि परियोजना की स्थापना से लेकर अभी तक परियोजना में फैक्ट्री एक्ट के तहत एक भी सेफ्टी ऑफिसर की तैनाती संगठनो के मांग के बावजूद भी नहीं किया गया है।

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ऐसे में जब इन अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध इस तरह का एक तरफा दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी तो निश्चित ही उनका मनोबल गिरेगा और बंद 12वीं इकाई की फिर से स्थापना कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। सभा की अध्यक्षता बीडी विश्वकर्मा, संचालन ओपी पाल ने किया।
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