पुलिस आयुक्त ने थाना प्रभारियों और राजपत्रित अधिकारियों की समीक्षा की
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माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शुक्रवार को थाना प्रभारियों और राजपत्रित अधिकारियों की समीक्षा बैठक की। कैंप कार्यालय पर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और महिला सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। तैयारियों की भी समीक्षा की गई। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि पुलिसिंग का हर आयाम जन केंद्रित होना चाहिए। संगठित अपराधों में शामिल अपराधियों पर एनएसए, गैंगस्टर और गुंडा एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई हो। फ्लैट बेचने के नाम पर ठगी, साइबर धोखाधड़ी, चोरी, लूट, छिनैती, पशु-तस्करी और एनडीपीएस से जुड़े अपराधियों की संपत्तियों को नए कानून के तहत जब्त और कुर्क किया जाए। फैंटम दस्तों को अधिक सक्रिय कर प्रमुख चौराहों पर उनकी दृश्यता बढ़ाने और थाना, तहसील समाधान दिवसों को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। विद्यालयों में जनजागरूकता अभियान चलाने और छात्राओं को हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देने को कहा। मनचलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त ने ई-साक्ष्य संकलन समय पर पूरा करने व सभी मुकदमों का निस्तारण 60 और 90 दिन में करने को निर्देशित किया। अतिक्रमण हटाने और यातायात प्रबंधन को प्राथमिकता देने के लिए नियमित कार्रवाई और चेकिंग अभियान चलाने, कांवड़ मार्गों की निगरानी ड्रोन से करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए।
अधिकारियों की जवाबदेही और अन्य निर्देश राजपत्रित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए। विवेचना संबंधी सभी नियम और समयसीमा उनके लिए भी समान रूप से लागू होंगी। जघन्य अपराधों जैसे हत्या और दुष्कर्म की विवेचना वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी करने पर जोर दिया गया। डीजे संचालकों के साथ बैठक कर निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन सुनिश्चित कराने को भी कहा। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था व मुख्यालय शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी काशी गौरव बंशवाल, डीसीपी गोमती नीतू, डीसीपी यातायात अनिल कुमार यादव रहे।