सुखद संयोग है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन यानी आठ मार्च को लोकतंत्र का महापर्व मनाया जाएगा। मतदान के लिए आधी आबादी पूरी तरह से तैयार है क्योंकि महिला दिवस को मनाने का इससे अच्छा और कोई तरीका नहीं सकता।
सही मायनों में महिला दिवस के मायने तभी पूरे होंगे, जब आधी आबादी घरों से निकल कर वोटों की बारिश करते हुए कीर्तिमान स्थापित कर दे।
काशी की राजनीति में पहचान बनाने वाली महिलाओं के नाम गिनना शुरू करें तो हाथ की अंगुलियां बच जाती हैं लेकिन मतदाताओं में करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी आधी आबादी की है। इसे देखते हुए राजनीति में दखल बहुत कम है।
बात यहीं खत्म नहीं होती, महिलाएं वोट देने में भी पीछे ही रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर विशाल भारत संस्थान की ओर से सामाजिक कार्यकर्ताओं ने घर घर जाकर महिलाओं को खास तौर पर मतदान करने की अपील की। कहा कि ज्यादा से ज्यादा मतदान कर महिलाएं अपनी शक्ति का प्रदर्शन करें और महिला दिवस को सार्थक बनाएं।
वाराणसी में महिलाओं का मतदान प्रतिशत
2012 - 56.88 प्रतिशत
2007 - 33.93 प्रतिशत
2002 - 43.23 प्रतिशत
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मैदान में महिला प्रत्याशी
शहर दक्षिणी : प्रिया अग्रवाल, ऋतिका रानी और रूबी फातमा।
शहर उत्तरी : किरण।
अजगरा : आरती और विद्या देवी।
रोहनिया : कृष्णा पटेल, पार्वती देवी और संगीता विश्वकर्मा