आराजी लाईन विकास खंड के पनियरा ग्राम में डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय समस्तीपुर के वैज्ञानिक डा. दयाराम एवं डा. आरपी प्रसाद ने ग्रामीण महिलाओं को मशरूम उत्पादन से लेकर उसके विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ बनाने तक का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान यहां उपस्थित महिलाओं ने रुचि लेकर मशहूर उत्पादन और उससे बनाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के बारे में करके सीखा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ रमेश चंद्र ने कहा कि मशरुम उत्पादन और उसके अन्य प्रसंस्करण से रोजगार की अपार संभावनाएं है। यह महिलाओं के लिए स्वरोजगार का अवसर भी है।महिलाएं घर में ही रह कर मशरुम के विभिन्न उत्पाद बनाकर स्व रोजगार के द्वारा आय सृजन कर सकती हैं।
पूसा के मशरुम वैज्ञानिक डा दयाराम ने कहा कि उनकासंस्थान मशरुम उत्पादन एवं प्रसंस्करण की विभिन् तकनीकी देश कोने कोने में पहुचाने को तत्पर है।। मशरुम बड़ी,मशरुम अचार,मशरुम समोसा ,मशरुम विस्किट आदि बनाकर आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के लोग आर्थिक रुप से सक्षम बन सकते है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के संयोजक रुद्रकाशी फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के निदेशक लल्लन दूबे ने बताया कि स्वयं सहायता समूह द्वारा उत्पादित मशरुम के उत्पादों का विपणन हमारी कंपनी करेगी। इस मौके पर महिलाओं को मशरुम बड़ी,मशरुम रोटी,मशरुम पकौड़ा,मशरुम हलवा,मशरुम पाउडर,मशरुम समोसा आदि बनाने की विधियों के साथ-साथ मशरुम उत्पादन और उसकी प्रजातियों की खेती के बारे में बताया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी सुबाष कुमार,राजेश मिश्र जितेंद्र मिश्र,अम्बा श्री नीलम,शकुन्तला,मुन्नी,किसमति,संध्या 125 महिलाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।