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काशी में महिला नेता: 1991 में पहली बार महिला विधायक, 1995 में मेयर और 2016 में पंचायत अध्यक्ष

Tue, 28 Apr 2026 10:55 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में तीन दशक में चार विधायक, दो मेयर और दो जिला पंचायत अध्यक्ष महिला चुनी गईं। 1991 में पहली बार महिला विधायक और 1995 में मेयर और 2016 में पंचायत अध्यक्ष चुनी गईं। 
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काशी में महिला नेता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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काशी की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी समय-समय पर मजबूत रूप में सामने आई है। विधानसभा से लेकर नगर निगम और जिला पंचायत तक महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ज्योत्सना श्रीवास्तव इस कड़ी में सबसे प्रमुख नाम हैं, जो कैंट विधानसभा सीट से चार बार विधायक रहीं। उन्होंने 1991, 1993, 2007 और 2012 में जीत हासिल की। 

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इसी तरह राबिया कलाम ने 2005 में पति अब्दुल कलाम के निधन के बाद सपा की टिकट पर उपचुनाव जीतकर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वहीं अनुप्रिया पटेल ने 2012 में अपना दल के टिकट पर विधायक बनकर अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत की।

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नगर निगम की बात करें तो मृदुला जायसवाल 2017 से 2023 तक मेयर के रूप में कार्य किया, जबकि सरोज सिंह 1995 में इस पद पर रहीं। जिला पंचायत स्तर पर भी महिलाओं की भागीदारी रही है। अपराजिता सोनकर ने 2016 में और पूनम मौर्य ने 2021 में जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली।

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महिलाओं की भागीदारी 

  • ज्योत्सना श्रीवास्तव कैंट सीट से 1991, 1993, 2007 और 2012 में विधायक रहीं।
  • राबिया कलाम उत्तरी विधानसभा से 2005 से 2007 तक सपा नेता पति अब्दुल कलाम के निधन के बाद उपचुनाव में विधायक चुनी गईं।
  • अनुप्रिया पटेल 2012 में अपना दल से विधायक चुनी गईं।
  • भाजपा से मृदुला जायसवाल 2017 से 2023 तक मेयर रहीं, वहीं उनसे पहले सरोज सिंह 1995 में मेयर चुनी गई थीं।
  • जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर 2016 में अपराजिता सोनकर और 2021 में पूनम मौर्य को चुना गया।
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