इससे गंदगी फैलती है और पूजा-पाठ में परेशानी होती है। महिलाओं का कहना है कि मंदिर के चारों तरफ दीवार बनवाने के लिए कई बार प्रयास किए गए। हालांकि, सरकारी जमीन होने की बात कहकर मामला टाल दिया जाता है। विरोध में गांव की महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर यात्रा भी निकाली। तख्तियों पर ‘धर्म नहीं तो हम नहीं’ जैसे नारे लिखे थे।
गांव के संजय, मीना विश्वकर्मा, सुभाष विश्वकर्मा और मंजू देवी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग मंदिर में पूजा-पाठ के दौरान अवरोध उत्पन्न करते हैं। वे मंदिर के आसपास कचरा भी फेंकते हैं। मना करने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मंदिर परिसर की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है। उन्होंने इस समस्या के स्थायी समाधान की अपील की।
एसडीएम संजीव कुमार राय ने कहा कि किसी भी स्थिति में आपसी सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बातचीत के माध्यम से ही विवाद का समाधान कराया जाएगा। दोनों पक्षों को मौके पर शांति बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।