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UP: अस्पताल के गेट पर महिला ने प्री-मेच्योर बच्ची को दिया जन्म, मंडलीय अस्पताल रेफर; प्रसूता की हालत सामान्य

Sat, 25 Oct 2025 03:28 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

प्री-मेच्योर की हालत देख चिकित्सकों ने उसे मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं, महिला की हालत सामान्य बताई गई है। बताया गया कि महिला ने गर्भधारण के बाद से अपना ध्यान नहीं रखा। जिस कारण इस तरह की स्थिति उत्पन्न हुई है।
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जिला अस्पताल के बाहर स्ट्रेचर पर महिला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Varanasi News: दीनदयाल अस्पताल के मुख्य द्वार पर शुक्रवार की सुबह एक महिला का प्रसव गेट पर ही हो गया। आनन-फानन में चिकित्सकों की टीम ने महिला और उसके बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के मुताबिक, बच्चा प्री-मेच्योर था और उसकी हालत असामान्य थी। उसे एसएनसीयू की आवश्यकता थी, इसलिए दोनों को कबीरचौरा स्थित महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

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जानकारी के मुताबिक, झारखंड के रांची के ग्राम जुरा गुमला निवासी 19 साल की रेनू अपने पति हीरा सहित पूरे परिवार के साथ हरिहरपुर चांदमारी स्थित एक भट्टे पर काम करती है। इसी बीच शुक्रवार की सुबह उसे दर्द महसूस हुआ। लोग उसे दीनदयाल अस्पताल ला रहे थे। 

मेन गेट पर साधन से उतरते समय प्रसव पीड़ा इतनी बढ़ गई कि अस्पताल के गेट पर ही उसने बेटी को जन्म दे दिया। सूचना मिलते ही अस्पताल के मेडिकल स्टाफ ने तुरंत स्ट्रेचर की मदद से उसे महिला विंग में भर्ती कराया। बच्ची प्री-मेच्योर थी। उसका वजन 1.70 किग्रा था। 

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नवजात को किया गया रेफर

उसकी हालत को देखते हुए महिला अस्पताल की डॉ. आरती दिव्या ने नवजात को तत्काल कबीरचौरा स्थित महिला अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि प्रसूता रेनू को दीनदयाल अस्पताल में ही भर्ती रखा गया है। एमएस डॉ. प्रेम प्रकाश ने बताया कि महिला पूरी तरह से स्वस्थ है। उसने गर्भधारण के बाद से अपना ध्यान नहीं रखा। जिस कारण इस तरह की स्थिति उत्पन्न हुई है।

दीनदयाल अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरएस राम ने बताया कि सुबह 10 बजे महिला अस्पताल पहुंची थी। मुख्य द्वार पर ही उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और वहीं प्रसव हो गया। जानकारी मिलने के बाद उसे तुरंत महिला विंग में भर्ती कराया गया। 

बच्चे की हालत को देखते हुए उसे तत्काल कबीरचौरा स्थित महिला अस्पताल रेफर किया गया। उधर, जिला महिला अस्पताल की चिकित्सक डॉ. अल्का सिंह ने बताया कि नवजात बच्ची सात से आठ महीने की है। उसे एसएनसीयू में भर्ती किया गया है। 
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खराब प्रदर्शन पर पीएचसी प्रभारी का वेतन रोका
जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा शुक्रवार को सीडीओ हिमांशु नागपाल ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में की। इस दौरान संस्थागत प्रसव, प्रसव पूर्व जांच और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों में खराब प्रदर्शन पर सीडीओ ने चिरईगांव पीएचसी प्रभारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली धनराशि सीधे खाते में भेजने को कहा। 

कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। इसमें सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने उत्तर प्रदेश हेल्थ डैशबोर्ड रैंकिंग में वाराणसी को छठा स्थान मिलने की जानकारी दी। इसकी सराहना करते हुए सीडीओ ने सभी अधिकारियों को बेहतर कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया। सीडीओ ने चयनित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के अनुपस्थित रहने की स्थिति में उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। 

गर्भवती महिलाओं और बच्चों के नियमित टीकाकरण में छूटे हुए परिवारों को चिह्नित कर कोटेदारों के सहयोग से टीकाकरण कराने को कहा। जिला अस्पतालों, सीएचसी पर संचालित जन औषधि केंद्रों पर मानक के अनुरूप दवाएं रखने और डाॅक्टरों को ओपीडी की पर्ची पर मुहर लगाने और मरीजों को बाहर की दवा न लिखने के निर्देश दिए। सीएमओ से इन व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा। 
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