करंट लगने के दौरान हुई तेज आवाज सुनकर उनकी देवरानी सपना और देवर संदीप छत पर पहुंचे। दोनों ने कंचन को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे भी करंट की चपेट में आकर झुलस गए। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह बिजली के संपर्क से तीनों को अलग किया। गंभीर रूप से झुलसे देवर और देवरानी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
घटना की सूचना पर बलुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
मृतका कंचन यादव अपने पीछे पांच वर्षीय पुत्र आंशिक और तीन वर्षीय पुत्र किशन को छोड़ गई हैं। हादसे के बाद पति मनोज यादव, ससुर पप्पू यादव, सास सुशीला देवी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। बलुआ थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।