वारदातों में कमी लाने और अपराधियों पर अंकुश का वाराणसी पुलिस लगातार दावा कर रही है। इसके लिए तमाम इंतजाम किए जा रहे हैं। नए-नए उपाय ईजाद किए जा रहे है लेकिन अपराध कम होने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है। खासतौर से महिलाएं, युवतियां और किशोरियां असुरक्षित महसूस कर रही हैं। स्थिति यह है कि महिलाओं और बच्चियों का घर से बाहर निकलना भी दुश्वार हो गया है।
यूपी 100 की पीआरवी, वूमेन हेल्पलाइन, 1090, एंटी रोमियो स्क्वॉड और थानों की पुलिस के बावजूद सरेराह चेन छिनैती, छेड़खानी, अपहरण और दुराचार की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इसकी वजह से जिले की पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है।
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वाराणसी पुलिस की सुस्ती से हो रही तफ्तीश में देरी, आंकड़े दे रहे गवाही
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि महिलाओं और बच्चों के साथ वारदातें हों तो पुलिस संवेदनशील रवैए के साथ त्वरित गति से तफ्तीश कर दोषियों को सजा दिलाए। मगर, हकीकत के धरातल पर क्षेत्राधिकारियों के साथ ही अन्य उच्चाधिकारियों के सटीक पर्यवेक्षण के अभाव में ऐसा हो नहीं पा रहा है। इस वजह से जिले में महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ा है।
पुलिस के आंकड़े ही बताते हैं कि महिलाओं के प्रति अपराध बीते साल से ज्यादा इस वर्ष अब तक हो चुका है। एसएसपी आनंद कुलकर्णी का कहना है कि प्रत्येक वारदात का मुकदमा दर्ज करा कर त्वरित गति से आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। इस संबंध में लापरवाही बरतने वाले थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी बख्शे नहीं जाएंगे।
क्या स्कूल जाना छोड़ दें किशोरियां?
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क्या स्कूल जाना छोड़ दें किशोरियां
बड़ागांव थाना अंतर्गत एक गांव की हाईस्कूल की छात्रा के स्कूल जाने के दौरान रोजाना तीन शोहदे छेड़तेे थे। छात्रा ने पढ़ाई छोड़ कर 12 अगस्त को बड़ागांव थाने में एक नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस शांत बैठी रही और रविवार को जब कुछ संगठनों ने सड़क पर उतरने की चेतावनी दी तो एक आरोपी दिलशाद को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अब भी गिरफ्त से बाहर हैं।
चहारदीवारी के भीतर हिंसा और उत्पीड़न बढ़ा
लंका क्षेत्र की रीमा पति की प्रताड़ना से मुक्ति पाने के लिए आए दिन पुलिस आफिस का चक्कर काटती नजर आ जाती हैं। विकास की ओर तेजी से अग्रसर बनारस में घरों की चहारदीवारी के भीतर महिलाओं के साथ हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। पुलिस के पास इस वर्ष के अब तक के 233 दिन में ऐसी 334 शिकायतें दर्ज की गई हैं। हालांकि कई ऐसे भी मामले हैं जो लोकलाज के भय से थानों और पुलिस चौकियों तक पहुंच ही नहीं सके।
घर के सामने टहलने में महिलाओं को लगता है डर
घर के सामने टहलने में महिलाओं को लगता है डर
लंका थाना अंतर्गत सुसुवाही निवासी विजय सिंह की पत्नी प्रीति सिंह 18 अगस्त की रात घर के सामने टहल रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाश आए और प्रीति के गले से सोने की चेन खींच कर भाग निकले। यह स्थिति लंका के साथ ही भेलूपुर, मंडुवाडीह, सिगरा, कैंट, शिवपुर व सारनाथ थाना क्षेत्र में आए दिन देखने को मिलती है और इलाकाई पुलिस पूरी तरह से बेबस नजर आती है।