अमर उजाला से बातचीत के दौरान अमन ने बताया कि मंगलवार की सुबह जिस समय घटना हुई, लोगों ने मुझे मलबे से निकाला और ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। मुझे चोट इतनी अधिक लगी थी, दर्द से कराह रहा था। घटना कैसे हुई, उसको लेकर बहुत कुछ याद नहीं आ रहा है। बताया कि घर में दो सिलिंडर रखा था।
ट्रॉमा सेंटर में अमन के देखरेख के लिए मौजूद उसके मौसेरे भाई अनिल ने बताया कि वह चौकाघाट में रहते हैं। जैसे ही सूचना मिली तो 10 मिनट में मौसी के घर लहरतारा पहुंच गए। यहां आने पर देखा कि पूरा घर खंडहर में तब्दील हो गया था।
वहां मौजूद लोग मौसी, भाई अमन और बहन प्रीति, ओमकुमार चौधरी को निकालकर अस्पताल लेकर जा रहे थे। पता चला था कि सिलिंडर को जिस पाइप में कनेक्ट कराके चूल्हे में गैस जलाते हैं, उसी पाइप में लीकेज था। इस वजह से पूरे घर में गैस भरा हुआ था। हर दिन की तरह सुबह बहन गैस जलाने गई तो यह घटना घट गई।
हादसे के दिन मचा था कोहराम
वाराणसी जिले के लहरतारा में सोमवार की सुबह 7:27 बजे खाना बनाते समय गैस सिलिंडर में रिसाव से धमाका हुआ और मकान ढह गया था। मलबे में दबकर भाई ओम कुमार चौधरी (30) और बहन प्रीति कुमारी (28) की मौत हो गई थी। वहीं, बुजुर्ग मां गिरिजा देवी और बड़ा बेटा अमन कुमार चौधरी झुलस गए थी। एक दिन बाद मां गिरिजा की भी मौत हो गई।
घटना के दिन मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया था। बम निरोधक दस्ते और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। पड़ोस की क्लीनिक में लगे सीसीटीवी कैमरे में विस्फोट के साथ मकान ढहने की घटना की फुटेज कैद हुई है। मकान के अंदर मलबे में दबे दो गैस सिलिंडर पुलिस ने बरामद किए हैं। धमाका इतना तेज था कि डेढ़ किमी दूर तक आवाज सुनाई दी।
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