विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ जहां राजनीतिक पार्टियां अपने वोटरों को लुभाने में लगी हुई हैं। वहीं, जनता भी अपने मुद्दों को लेकर जागरूक हो गई, वो अपनी वोट की ताकत से विकास करने वाले प्रत्याशी को ही जनप्रतिनिधि के रूप में चुनेगी। शुक्र वार को मंडुवाडीह स्थित विराट एमएस में वोटर अड्डा के तहत लोगों ने मुद्दों पर बात करते हुए कहा कि वो जाति- धर्म के आधार पर वोट नहीं करेंगे। वह वोट करते समय यह देखेंगे कि जो प्रत्याशी चुनाव में खड़ा है। वह प्रतिनिधि के तौर पर उनके क्षेत्र का विकास, उनकी मांग को सरकार तक पहुंचाने में कितना सक्षम है।
सड़कों की हो मरम्मत
जब कोई बड़ा नेता आता है, तो शहर की सड़क बना दी जाती है। लोग जब उसी खराब सड़क की मरम्मत कराने की शिकायत करता है तो न तो संबंधित विभाग के अधिकारी सुनते हैं न जनप्रतिनिधि। - दीपक अग्रवाल
क्षेत्र का हो विकास
ऐसी सरकार की आवश्यकता है जो शहर में विकास के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास का ध्यान दे। किसानों के हितों की अनदेखी न करे। सभी वर्गों के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर प्रदान करे।- मनोज कुमार सिंह
मूलभूत सुविधाएं मिलें
चुनाव आते ही नेता बयानबाजी करने लगते है। लालच देने के लिए बजाए नेता आम जनता को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराए। योजनाओं की सिर्फ घोषणा न हो, उन योजनाओं को धरातल पर काम हो। - शब्बीउल्ला
सुधरे सफाई व्यवस्था
शहर में जहां-तहां कूड़ा पड़ा होता है, इससे बीमारियों होने के डर के साथ आने-जाने में समस्या होती है। सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ शहर में अच्छे अस्पताल खुलें, जिसमें लोग इलाज करा सके।- पुष्पा शाह
जाति व क्षेत्रवाद खत्म हो
चुनाव में जातिवाद, क्षेत्रवाद, परिवारवाद से ऊपर उठना होगा। बुनियादी सुविधाओं का विकास बहुत जरूरी है। साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने की जरूरत है। जिससे हमारा भविष्य मजबूत हो। - योगेश राही
मिलें बुनियादी सुविधाएं
सरकार द्वारा विकास के नाम पर बड़ी धनराशि खर्च की जाती है, बावजूद सुविधाओं के लिए लोगों को आए दिन प्रदर्शन करना पड़ता है। जनप्रतिनिधि को क्षेत्र की जनता को बुनियादी सुविधाओं मुहैया कराना चाहिए। - रितिन खट्टर
यातायात व्यवस्था हो दुरुस्त
सफाई बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है, सफाई को लेकर सरकार की ओर से नीतियां तो खूब बनती हैं, लेकिन उसका पालन कितना हो रहा है, इस पर ध्यान नहीं है। साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त करना बड़ी चुनौती है। - मनीष श्रीवास्तव
महंगाई पर लगे लगाम
मध्यमवर्गीय परिवार टैक्स, जीएसटी का भुगतान करता है, लेकिन फिर भी उसे वो सुविधाएं नहीं मिल पाती जो मिलनी चाहिए। महंगाई की वजह से आम आदमी त्रस्त है, बच्चों की फीस, पेट्रोल के दाम की वजह से कई तरह की परेशानी होती। - विकास अग्रवाल