कयास लगाए जा रहे हैं कि सुभासपा अध्यक्ष लोकसभा चुनाव 2024 से पहले फिर से एनडीए में वापसी करेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सुभासपा प्रमुख की मुलाकात के दौरान क्या बातचीत हुई, इस संबंध में अधिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुराने गठबंधन सहयोगियों के बीच फिर से साथ आने की दिशा में बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है। ओपी राजभर ने उत्तर प्रदेश का पिछला विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में लड़ा था। हालांकि बाद में वह गठबंधन से अलग हो गए थे। इसके बाद उनका भाजपा के प्रति रुख नरम होता गया।
बीते कुछ माह से राजभर खुले मंच से समाजवादी पार्टी पर निशाना साध रहे हैं तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ कर रहे हैं। सरकार ने भी उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध करा दी है। राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि एक बार फिर से दोनों पार्टियां साथ आ सकती हैं। राजभर की पार्टी ने वर्ष 2017 का विधानसभा चुनाव भाजपा के ही साथ मिलकर लड़ा था। सरकार बनने पर ओमप्रकाश राजभर को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था, लेकिन बाद में राजभर ने गठबंधन से नाता तोड़ लिया था।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के बेटे अरुण की बरात रविवार को गाजीपुर के सादात गई थी। रिसेप्शन पार्टी सिंधौरा में रखा गया है। संभावना है कि इस पार्टी में यूपी सरकार के कई मंत्री समेत प्रदेश के कई दिग्गज पहुंचेंगे।