बनारस की बुनकरी और हस्तशिल्प को दुनिया के नए बाजारों तक पहुंचाने के लिए ही बड़ा लालपुर में व्यापार सुविधा केंद्र और शिल्प संग्रहालय की स्थापना की जा रही है। यह हैंडलूम उत्पादकों, विदेशी और घरेलू विक्रेताओं के बीच सप्लाई चेन की तरह काम करेगा। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कारीगरों को माल बेचने में बेहद आसानी होगी। ये जानकारी बुधवार को दोपहर बाद बीएचयू के एलडी गेस्ट हाउस में स्थानीय बुनकरों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों के साथ बैठक में केंद्रीय वस्त्र राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार ने दी।
गंगवार ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ के तहत बनारसी हस्तशिल्प को पूरी दुनिया में प्रमोट किया जाएगा। माल खरीदने और बेचने के लिए ही व्यापार सुविधा केंद्र की स्थापना की जा रही है। इसे ‘वनस्टॉप मार्केटिंग प्लेटफार्म’ के रूप में विकसित किया जाएगा। ये पूरा प्रोजेक्ट लगभग 200 करोड़ रुपये का है। यहां एक ही छत के नीचे व्यापार सुविधा सेल, हथकरघा मार्क, परामर्शी सेवाएं और डिसप्ले गैलरी की सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने स्थानीय बुनकरों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का वादा भी किया। इस बैठक में बीएचयू के कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी, कपड़ा मंत्रालय के सचिव संजय कुमार पांडा, हथकरघा विकास आयुक्त आलोक कुमार, कमिश्नर आरएम श्रीवास्तव, ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन के डॉ. रजनीकांत सहित शहर के कई बड़े साड़ी कारोबारी, बुनकर और हस्तशिल्प से जुड़े व्यापारी मौजूद थे।