काशी में जापान के सहयोग से कल्चरल कम कन्वेंशन सेंटर स्थापित होने से यहां की धर्म-संस्कृति और विरासत के बारे में दुनिया और आसानी से जान-समझ सकेगी। यह ऐसा पहला केंद्र होगा, जहां एक नजर में पूरी काशी का दर्शन किया जा सकेगा। इसमें भोले की नगरी की मूर्त और अमूर्त धरोहरों के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी।
काशी के विश्व गुरु होने की क्षमता से देश-दुनिया के पर्यटकों को अवगत कराया जा सकेगा। सिगरा स्थित तिलक प्रेक्षागृह के स्थान पर 74 करोड़ रुपये की लागत से इस केंद्र के निर्माण का प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा गया था। यह जानकारी रविवार की दोपहर पत्रकारों से बातचीत में महापौर रामगोपाल मोहले ने दी।
मोदी-शिंजो की काशी यात्रा के दौरान जापान के सहयोग से कल्चरल कम कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की घोषणा को महापौर ने दूसरी सबसे बड़ी उपलब्धि करार दिया। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के काशी दौरे से कुछ घंटे पहले ही यूनाइटेड नेशन्स एजुकेशनल, साइंटफिक एंड कल्चरल आर्गनाइजेशन (यूनेस्को) के क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क में बनारस घराने के शास्त्रीय संगीत को शामिल किया गया था।
महापौर ने जापान के सहयोग से बनने वाले कल्चरल कम कन्वेंशन सेंटर की प्रस्तावित डिजाइन पर भी रोशनी डाली। बताया कि इस बहुमंजिले केंद्र में अंडर ग्राउंड टू लेबल पार्किंग होगी। ग्राउंड फ्लोर पर एक हजार से अधिक लोगों के बैठने की क्षमता वाला प्रेक्षागृह बनेगा। बुक शॉप, फूड कोर्ड, वीआईपी लाऊंज, गेम्स कार्नर के अलावा आकर्षक फव्वारे भी बनेंगे। दूसरे तल पर चार सेमिनार हॉल और करीब सौ सीट का कांफ्रेंस हाल होगा।
तीसरे तल पर सिटी म्यूजियम बनाया जाएगा। इसमें चार हजार साल से भी अधिक पुराने काशी के इतिहास से संबंधित जानकारियां उपलब्ध रहेंगी। इन जानकारियों को कालखंड के आधार पर विभाजित कर प्रदर्शित करने की योजना है। इसमें वेद, पुराण, काशी की ऐतिहासिक विभूतियों जैसे कबीर, तुलसी, रैदास, गालिब के अलावा काशी आए महान व्यक्तियों के बारे में भी जानकारी मिलेगी।
हिंदी खड़ी बोली के जनक भारतेंदु हरिश्चंद्र, जयशंकर प्रसाद, मुंशी प्रेमचंद समेत काशी के महान साहित्यकारों से संबंधित जानकारियां भी सहेजने की तैयारी है। महापौर ने बताया कि आधुनिक तकनीक पर आधारित इस सेंटर का इस्तेमाल सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी निर्धारित शुल्क पर किया जा सकेगा। उन्होंने यूनेस्को के क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क में काशी को क्रिएटिव सिटी आफ म्यूजिक के तौर पर शामिल किए जाने को पीएम मोदी के प्रयासों की देन बताया।
इसके लिए डाक्यूमेंटेशन का काम कराने में संगीत नाटक अकादमी की सदस्य सचिव उषा राधाकृष्णन और राज कुमार अग्रवाल की मेहनत को सराहा। इस मौके पर उप शास्त्रीय गायिका सोमा घोष और कथक नर्तक विशाल कृष्ण भी उपस्थित थे