इसी तरह ज्ञानवापी परिसर मेें दूसरे समुदाय के लोगों का प्रवेश रोकने की मांग से संबंधित याचिका दाखिल करने वाली किरण सिंह, विश्व हिंदू सनातन संघ के संस्थापक जितेंद्र सिंह बिसेन की ओर से अधिवक्ता शिवम गौड़ ने सभी मामलों की सुनवाई अलग-अलग किए जाने के पक्ष में दलील दी।
न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत में सोमवार श्रृंगार गौरी केस के पैरोकार जितेंद्र सिंह विसेन समेत दो के खिलाफ दर्ज परिवाद पर सुनवाई टल गई। इस मामले में अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी। इसके पहले सीजेएम की कोर्ट ने इस पत्रावली की सुनवाई के लिए जेएम तृतीय धर्मेंद्र कुमार यादव को अदालत में ट्रांसफर कर दिया था।
ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी प्रकरण की ही चार वादी महिलाएं रेखा पाठक, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी व सीता साहू ने पांचवीं वादी राखी सिंह के पैरोकार जितेंद्र सिंह विसेन के खिलाफ कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया है जिसमें धमकी देने समेत अन्य आरोप लगाया गया है।