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Varanasi: ज्ञानवापी के सभी मामलों की सुनवाई एक साथ होगी या नहीं? अब 22 को आएगा कोर्ट का आदेश

Mon, 20 Mar 2023 05:18 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

ज्ञानवापी परिसर पर कब्जा, आदिविश्वेश्वर को सौंपने आदि सभी मामलों को एक साथ एक ही कोर्ट में सुनवाई अपील की गई है। इसकी सुनवाई पूरी हो चुकी है। आज आदेश आने की संभावना थी। कोर्ट ने 22 मार्च की तिथि तय की। 
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वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी परिसर से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई एक साथ होगी या नहीं, इस मामले में कोर्ट का आदेश 22 मार्च को आएगा। सोमवार को आदेश तैयार नहीं होने के कारण सुनवाई की अगली तिथि 22 मार्च तय हुई। सभी मामलों की सुनवाई एक साथ किए जाने की मांग वाली याचिकाओं पर जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में सुनवाई पूरी हो चुकी है।

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कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पत्रावली सुरक्षित कर ली थी और फैसला सुनाने की पहले एक मार्च, फिर 13 मार्च की तिथि नियत की थी। हालांकि 13 मार्च को भी आदेश नहीं आ सका था। उस दिन अदालत ने आदेश के लिए 20 मार्च की तिथि तय की थी। 

ये है पूरा मामला

श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन और अन्य विग्रहों के संरक्षण की मांग को लेकर चार महिलाओं ने याचिका दाखिल की है। महिलाओं की मांग है कि ज्ञानवापी के सभी मामलों की सुनवाई एक साथ की जानी चाहिए। लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास और रेखा पाठक के अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी, सुधीर त्रिपाठी ने मामलों की सुनवाई एक साथ किए जाने के पक्ष में अपनी बात रखी। अधिवक्ताओं ने कहा कि ज्ञानवापी के सभी मामले एक जैसे हैं। इनकी अलग-अलग सुनवाई नहीं हो चाहिए। 
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राखी सिंह ने किया विरोध

Gyanvapi controversy - फोटो : Social Media
हालांकि, श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन व अन्य विग्रहों के संरक्षण से संबंधित याचिका से जुड़ी एक अन्य महिला राखी सिंह ने इसका विरोध किया। उनके अधिवक्ता ने कहा कि वह सभी मामलों की सुनवाई एक साथ नहीं चाहती हैं।
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इसी तरह ज्ञानवापी परिसर मेें दूसरे समुदाय के लोगों का प्रवेश रोकने की मांग से संबंधित याचिका दाखिल करने वाली किरण सिंह, विश्व हिंदू सनातन संघ के संस्थापक जितेंद्र सिंह बिसेन की ओर से अधिवक्ता शिवम गौड़ ने सभी मामलों की सुनवाई अलग-अलग किए जाने के पक्ष में दलील दी।

जितेंद्र सिंह विसेन मामले की भी सुनवाई टली

न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत में सोमवार श्रृंगार गौरी केस के पैरोकार जितेंद्र सिंह विसेन समेत दो के खिलाफ दर्ज परिवाद पर सुनवाई टल गई। इस मामले में अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी। इसके पहले सीजेएम की कोर्ट ने इस पत्रावली की सुनवाई के लिए जेएम तृतीय धर्मेंद्र कुमार यादव को अदालत में ट्रांसफर कर दिया था। 
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ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी प्रकरण की ही चार वादी महिलाएं रेखा पाठक, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी व सीता साहू ने पांचवीं वादी राखी सिंह के पैरोकार जितेंद्र सिंह विसेन के खिलाफ कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया है जिसमें धमकी देने समेत अन्य आरोप लगाया गया है।
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