पत्नी भी घर से बाहर नहीं निकल सकी। इस वजह से रविवार की सुबह संतोष की मौत हो गई। लॉकडाउन की वजह से समाचार जानने के बाद भी न तो कोई रिश्तेदार पहुंचा और नही कोई मदद करने पहुंचा। महिला ने जिला पंचायत सदस्य सूर्य मुनी तिवारी से मदद की गुहार लगाई।
इस पर उन्होंने अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक मदद करने के साथ शव को अवधूत भगवान राम घाट पर पहुंचाने की व्यवस्था की। यहां जिला पंचायत सदस्य शिवशंकर पटेल, पप्पू मौर्य, देव मौर्य, सुभाष मौर्य आदि ने आर्थिक मदद के साथ अंतिम संस्कार में सहयोग किया।
किसी रिश्तेदार के न पहुंचने पर पत्नी गुड़िया ने पति को मुखाग्नि दी। गुड़िया की तीन वर्ष की एक मात्र बेटी है। अब बेटी को कैसे पालेगी यही लोगों की चिंता है। हालांकि पति को मुखाग्नि देने की हिम्मत की सराहना हो रही है।