बंदरों को पकड़ने के लिए मथुरा की संस्था तैयार है लेकिन बंदरों को छोड़ने पर निर्णय नहीं हो पाया। चंदौली और सोनभद्र के जंगलों बंदर लंगूरों की संख्या पर्याप्त होने से अब यहां छोड़ने की अनुमति नहीं है। चंबल के जंगलों में छोड़ने विचार चल रहा है। स्थानीय वनाधिकारियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद बंदरों के पकड़ने का अभियान चलेगा।