इस बारे में अभी शिक्षा मंत्रालय, यूजीसी से कोई दिशा निर्देश नहीं मिला है। ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया संबंधी कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। विश्वविद्यालय की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि प्रवेश परीक्षा के संबंध में जो भी निर्णय लिया जाएगा वह कोविड महामारी की स्थिति की गंभीरता, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशानिर्देशों और छात्र हितों के मद्देनजर लिया जाएगा।
बीएचयू के बरकछा स्थित दक्षिणी परिसर में चलने वाले पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय को मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से मान्यता दी गई है। मंत्रालय की ओर से बीएचयू के कुलसचिव को भेजे गए पत्र में इसकी जानकारी दी गई है। इसमें यह बताया गया है कि भारतीय पशु चिकित्सा परिषद् द्वारा की गई सिफारिशों को भारत सरकार ने स्वीकार कर लिया है।