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Varanasi News: जब बर्फ पड़ी तो तीन दिन फंसे रहे, बाद में चढ़ाई की पूरी

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नगर निगम के लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी बुरान घाटी पर 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्वच्छ काशी का संदेश दिया है, जो वहां मौसम को देखते किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। वे बताते हैं कि मौसम खराब होने के बाद बीच में पहाड़ की चढ़ाई पर तीन दिन फंसे थे। लेकिन, उन्होंने हौसला नहीं खोया और चढ़ाई पूरी की। पहाड़ के शिखर पर पहुंचकर उन्होंने अपने हाथ में स्वच्छ काशी सुंदर काशी का स्लोगन का बैनर लेकर लोगों को जागरूकता का संदेश दिया। लेखाधिकारी के अनुसार वे 19 मई को बनारस से निकले थे। 20 को शिमला में पहुंचे। 21 को बेस कैंप गए। 23 से 26 तक मौसम खराब रहा। तीन दिन तक बर्फ गिरी थी। इसके चलते यहां फंसे रहे। 26 को मौसम ठीक हुआ तो आगे बढ़े। 27 की सुबह सात बजे यहां पहुंचे और बैनर से संदेश दिए। यहां से उतर कर किन्नौर जाना था। लेकिन, यहां काफी बर्फ पड़ी थी। वन विभाग ने आगे जाने से रोक दिया। फिर वहां से लौटकर नीचे आ गए। 30 मई को बनारस आऊंगा। उन्होंने बताया कि इस प्राकृतिक पर्वत पर पड़े प्लास्टिक के बोतल को साफ किया। उस समय यहां का तापमान माइनस में रहा। कठिन परिस्थतियों में भी प्राकृतिक सुंदरता को बनाने के लिए उन्होंने प्लास्टिक का कम से कम इस्तेमाल करने की अपील की। लेखाधिकारी ने बताया कि बुरान घाटी शिमला को किन्नौर जिले से जोड़ता है। यहां तापमान माइनस 12 से 15 के बीच रहा। तकरीबन 44 किमी की ऊंचाई पर चढऩा पड़ा। ऑक्सीजन का स्तर सामान्य जगहों की अपेक्षा 35 प्रतिशत कम हो गया। प्लास्टिक कूड़े से पर्वतों को मुक्त कराने के लिए यह चढ़ाई की।
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देशभर केे 24 लोगों ने लिया था हिस्सा, 21 हुए सफल
बीते दस साल के भीतर 1.2 लाख किलो प्लास्टिक पहाड़ों से एकत्र किया गया है। पर्यावरण को ध्यान में रखकर इस प्रकार चढ़ाई साल में एक बार करते हैं। इसमें देश भर से 24 लोग भाग लिए थे। 21 लोग पूरा कर पाए। उच्च पर्वतीय बीमारी के चलते तीन लोग नहीं कर पाए। मौसम काफी खराब हो गया था।
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