ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि दीपावली पर सौभाग्य योग का संयोग बन रहा है। सौभाग्य योग में की गई पूजा-अर्चना से सुख समृद्धि, वैभव एवं ऐश्वर्य में बढ़ोतरी होती है। पूजन के लिए प्रदोषकाल स्थिर लग्न एवं निशीथ काल फलदायी रहता है। कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की अमावस्या तिथि 12 नवंबर को दोपहर 2.46 बजे से 13 नवंबर को दिन में 2.58 बजे तक रहेगी। सौभाग्य योग का संयोग 12 नवंबर को दिन में 4:24 बजे से 13 नवंबर को दिन में 3:23 मिनट तक रहेगा। दीपावली के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त प्रदोषकाल में शाम को 5:11 बजे से रात्रि 7:48 मिनट तक रहेगा। प्रदोष काल में स्थिर वृषभ लग्न का संयुक्त सर्वोत्तम योग शाम को 5:22 बजे से रात्रि 7:19 बजे तक रहेगा। स्थिर लग्न सिंह रात्रि 11:50 बजे से अर्धरात्रि के पश्चात 2:04 तक ही है। यह मुहूर्त सिंह लग्न में पूजा करने वालों के शुभ फलदायी है। निशीथ काल रात्रि 11:15 बजे से रात्रि 12:07 बजे तक है। सिंह लग्न एवं निशीथ काल का संयुक्त समय रात्रि 11:50 बजे से रात्रि 12:07 बजे तक रहेगा।
काशी में 15 नवंबर को होगी गोवर्धन पूजा
ज्योतिषाचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि इस बार तिथियों के भुक्त भोग्य के अंतर के कारण पंच दीपोत्सव छह दिनों तक मनाया जाएगा। 14 नवंबर को कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा नौ मुहूर्त से अधिक होने पर 14 नवंबर को काशी के अलावा अन्य जगह गोवर्धन पूजा और अन्नकूट होगा और भाई दूज का पर्व 15 नवंबर को मनाया जाएगा। काशी में गोवर्धन पूजन 15 नवंबर को होगी।