ग्रामीणों के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर कुछ बरातियों ने डायल 112 पुलिस और युवती पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस किसी तरह युवती को लेकर वहां से निकल गई और घटना की सूचना बिलरियागंज थाने को दी।
सूचना मिलते ही बिलरियागंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दूल्हा पक्ष वहां से फरार हो चुका था। बताया जा रहा है कि दूल्हा और दुल्हन सिंदूरदान की रस्म पूरी करने के बाद बारातियों के साथ मौके से निकल गए। पुलिस ने मौके से चार लोगों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद लड़की पक्ष सदमे में है। परिजनों का कहना है कि करीब डेढ़ वर्ष पहले ही दोनों की शादी तय हो चुकी थी और दोनों ने कोर्ट मैरिज भी कर ली थी। दूल्हा विदेश में रहता था और छुट्टी लेकर घर आया था। परिवारों की सहमति से 22 मई को विवाह की तारीख निर्धारित की गई थी।
लड़की पक्ष का आरोप है कि वही युवती तीन दिन पहले भी उनके घर पहुंची थी और शादी रुकवाने की धमकी देकर गई थी। इसकी जानकारी लड़के पक्ष को भी दी गई थी, लेकिन उन्होंने किसी तरह की समस्या न होने का भरोसा दिलाया था।
अचानक हुए इस विवाद के कारण शादी में किए गए भोजन, सजावट और अन्य व्यवस्थाओं में भारी नुकसान हुआ। खुशी का माहौल कुछ ही देर में तनाव और मायूसी में बदल गया। घटना के सदमे से लड़की पक्ष की एक महिला और एक युवती की तबीयत भी बिगड़ गई, जिन्हें उपचार के लिए डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा। थाना प्रभारी अमित कुमार मिश्रा ने बतया कि घटना की जानकारी है। पथराव जैसी कोई बात नहीं है। घटना की जांच की जा रही है।