गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने के साथ कटौती भी खूब हो रही है। केवल बिजली कटौती ही नहीं बल्कि लो वोल्टेज की समस्या बढ़ने लगी है। भीषण गर्मी में होने वाली कटौती से लोग बेहाल हो गए हैं। बिजली विभाग भले ही 24 घंटे आपूर्ति का दावा कर रहा हो लेकिन शहरी क्षेत्र में औसतन 20 से 21 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 16 से 17 घंटे ही आपूर्ति की जा रही है।
बिजली कटौती से उमस भरी गर्मी में सर्वाधिक परेशानी बच्चे और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। कभी आधी रात तो कभी भोर में बिजली गुल हो जा रही हे। इधर कुछ दिन से लो वोल्टेज, ट्रिपिंग की समस्या बढ़ गई है। नगवां निवासी देवेंद्र मिश्र ने बताया कि बिजली उपकेंद्र बनने के बाद भी लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है।
दोपहर 12 बजे से पहले ही कम से कम सात बार कटौती की गई। डाफी फीडर से आई समस्या के चलते छित्तुपुर और सिरगोवर्धनपुर वासी भी परेशान रहे। अमन यादव ने कहा कि बेवक्त हो रही बिजली कटौती ने परेशानी बढ़ा दी है। नगवा उपकेंद्र के लॉक बुक इंचार्ज ने बताया कि क्षेत्र में महज दो बार फाल्ट के चलते कटौती की गई जबकि लोगों का कहना था दो बार तो एक घंटे की कटौती की गई जबकि अंतराल पर कटौती ज्यादा रही।
उधर शिवदास पुर निवासी चंचल सिंह ने बताया कि बिजली कटौती ने चैन से सोना छीन लिया है। रविशंकर और राजकुमार ने बताया कि क्षेत्र में अंधाधुंध कटौती की जा रही है। अघोषित बिजली कटौती के चलते रात में पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रिपिंग ने किसानों की समस्या बढ़ा दी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जरा भी तेज हवा चलती है तो तार टूट जाते हैं। ट्रिपिंग के नाम पर घंटों कटौती की जाती है। जिसके चलते किसानों को खेतों की सिंचाई करने में परेशानी होती है।