अघोषित बिजली कटौती ने रातों की नींद और चैन छीन लिया है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बिजली विभाग को लोकल फाल्ट ठीक करने में पसीने छूट रहे हैं। शहर से लेकर गामीण क्षेत्रों तक भीषण गर्मी व उमस से लोग बेहाल हैं। पिछले 24 घंटे में चेतगंज क्षेत्र में करीब दर्जनों बार बिजली कटौती हो चुकी है।
चेतंगज के बागबरियार सिंह निवासी कुंवर सिंह ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बिजली का यही हाल है। हर आधे घंटे पर बिजली कटौती की जा रही है। बिजली के आने-जाने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। नगवां और कबीर नगर के दर्जनों उपभोक्ताओं की की शिकायत है कि उन्हें पिछले एक माह से लो-वोल्टेज की आपूर्ति की जा रही है।
मंडुवाडीह विद्युत उपकेंद्र से आपूर्ति व्यवस्था बेहद खराब है। ट्रांसफार्मर का डीओ उड़ने और तार टूटने से ने घटनाएं बढ़ी हैं। बृहस्पतिवार को लहरतारा में 33 केवीए लाइन का डॉग कंडक्टर टूटने से तीन घंटे आपूर्ति बाधित रही। छह बजे कटी बिजली नौ बजे बहाल हो सकी। उधर सुंदरपुर और ककरमत्ता में अंधाधुंध कटौती से उपभोक्ता परेशान रहे।
मौसम में बदलाव का असर सेहत पर देखने को मिल रहा है। दिन में गर्म हवाओं और तेज धूप के साथ तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया है। इन दिनों अस्पतालों की ओपीडी में भी पेट संबंधी बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। किसी को खाना न पचने की समस्या है तो कोई दस्त से परेशान है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों को हो रही है। ज्यादातर बच्चे उल्टी-दस्त से परेशान हैं।
दिन में गर्म हवा, चिलचिलाती धूप का सामना तो लोग कर ही रहे हैं, शाम को भी कोई राहत नहीं मिल पा रही है। पिछले दस दिनों से तापमान में भी उतार-चढ़ाव तेजी से देखने को मिल रहा है। दस दिन पहले तक जहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और उससे कम पर आ गया था, वहीं अब बढ़ते बढ़ते 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इस वजह से बड़े, बुजुर्गों के साथ ही बच्चे भी परेशान हो गए हैं।