वाराणसी सहित आसपास के जिलों में ठंड बढ़ने के पीछे पश्चिमी विक्षोभ ही वजह है। इस समय पछुआ हवा चल रही है लेकिन उसमें नमी थोड़ी अधिक है। आने वाले दिनों में तापमान में कमी के साथ ही ठंड और बढ़ सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर वाराणसी और आसपास के जिलों में दिखने लगा है। दिन में धूप तो हो रही है, लेकिन पछुआ हवा में नमी ज्यादा होने की वजह से उसका असर कम हो गया है। जिले में दिसंबर में ठंड पड़ने और तापमान में कमी की बात करें तो ऐसा पांच साल में दूसरी बार हुआ जबकि दिसंबर में दस डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया। 2022 में भी 17 दिसंबर के दिन न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि रविवार को अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि ठंड बढ़ने के पीछे पश्चिमी विक्षोभ ही वजह है। इस समय पछुआ हवा चल रही है लेकिन उसमें नमी थोड़ी अधिक है। आने वाले दिनों में तापमान में कमी के साथ ही ठंड और बढ़ सकती है।