गंगा के जलस्तर में गिरावट पिछले तीन दिनों से लगातार जारी है। हालांकि, गिरावट के बाद भी 84 घाट अभी भी पानी में डूबे हुए हैं। अस्सी से नमो घाट के बीच सभी का आपसी संपर्क टूटा हुआ है। गंगा और वरुणा का जलस्तर तेजी से घट रहा है लेकिन गंगा किनारे और तटवर्ती इलाकों में रहने वाले अब भी सहमे हुए हैं। लोगों का कहना है कि इधर बीच गंगा का जलस्तर जिस तरह से बढ़ और घट रहा है उससे वर्ष 2017 की बाढ़ का मंजर याद आ रहा है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। गंगा में चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.262 मीटर है। एनडीआरएफ व जल पुलिस की टीम को भी सतर्क रहने को कहा गया है।