मौसम की बेरुखी से किसानों के माथे पर बल पड़ने लगा है। तीखी धूप और उड़ रही धूल से अब किसान चिंतित होने लगे हैं कि ऐसे ही मौसम रहा और समय से बारिश नहीं हुई तो इसका असर खेती-किसानी पर पड़ेगा।
80 फीसदी से अधिक किसान धान की नर्सरी डाल चुके हैं। कुछ किसान बाकी हैं जो बारिश के इंतजार में हैं। बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय के अनुसार पुरवा हवा घूमने से मानसून बन रहा है। लेकिन पूर्वांचल में झमाझम बारिश के आसार 28-30 जून के बीच होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि संभावना है कि मंगलवार को हल्की पूर्वांचल में कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। उड़ीसा में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इसे उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ने से पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून के 28 तक पहुंचने की उम्मीद बन रही है।
पछुआ हवा चलने और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे बनने के कारण पूर्वांचल में मानसून देरी से पहुंच रहा है।