पीड़ितों का कहना है कि लगातार चल रहे विवाद और तनाव के कारण उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। वे भय और दबाव में जीवन जीने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि स्थानीय स्तर पर उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
दंपती ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उन्हें जल्द राहत नहीं मिली तो वे आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं और स्थानीय लोग भी प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, ताकि दंपत्ति को न्याय मिल सके और स्थिति सामान्य हो सके।