स्मार्ट सिटी की दूसरी सूची में काशी भी शुमार हो, इसके लिए शहर के लोगों की राय जुटाने का सिलसिला तेज हो गया है। नगर निगम का पूरा अमला इस अभियान में लगा हुआ है। वहीं दूसरी ओर शहर की चुनौतियों, संभावनाओं और अवसरों पर आम शहरियों से सुझाव मांगे जा रहे हैं। महापौर रामगोपाल मोहले और नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही ने जनता से अपील की है कि स्मार्ट सिटी को लेकर अपने सुझाव ऑफलाइन अथवा ऑनलाइन जरूर दें ताकि स्मार्ट शहरों की सूची में बनारस को शामिल कराने की दावेदारी और मजबूत हो सके।
स्मार्ट सिटी के लिए दूसरे चरण की प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू है जो 30 जून तक चलेगी। नगर निगम प्रशासन ने 21 जून तक जनसुझाव लेने की तिथि तय की है। इसके बाद 25 जून तक इन सुझावों को अंतिम रूप देकर 30 जून तक प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेज दिया जाएगा। इस बार पिछले साल की तुलना में उम्मीद से कहीं ज्यादा जनसुझाव मिलने से निगम प्रशासन भी उत्साहित है और पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार काशी को स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल कर लिया जाएगा।
नगर निगम को सरकारी, गैर सरकारी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से ऑफलाइन और ऑनलाइन 16 लाख सुझाव मिल चुके हैं जबकि पिछले साल महज 1.80 लाख मिले सुझाव ही मिले थे। इस बार निगम ने 20 लाख सुझाव लेने का लक्ष्य रखा था। नगर निगम ने अब अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए चार दिन का समय और नागरिकों को दिया है ताकि इसे भी पूरा कर लिया जाए और काशी को दौड़ से बाहर होने की कोई गुंजाइश न रहे।
स्मार्ट सिटी के लिए नगर निगम ने ऑफलाइन फॉर्म के साथ ही ऑनलाइन सुझाव देने के लिए वेबसाइट भी बनाई है। इसी पर सुझाव दिए जा रहे हैं। www.smartcityvaranasi.in, www.facebook.com, www.twitter.com, www.mygov.in, smartvaranasicity@gmail.com पर अपने सुझाव दे सकते हैं। नगर निगम कार्यालय में ऑफलाइन फार्म भी नि:शुल्क उपलब्ध हैं। स्मार्ट सिटी के लिए प्रस्ताव तैयार कर रही संस्था केपीएमजी के माध्यम से फॉर्म लिए जा सकते हैं।
स्मार्ट शहरों की दौड़ में काशी इस बार पिछड़ न जाए इसके लिए नगर निगम ने सरकारी व गैर सरकारी संगठनों के साथ ही देश की विभिन्न कंपनियों के साथ करार किए हैं। निगम प्रशासन ने कुल 87 एमओयू किए हैं। इसमें जिला और मंडलस्तरीय कुल 32 विभाग हैं। देश की 19 कंपनियां, चार विश्वविद्यालय और कला एवं साहित्य से जुड़े 10 नामचीन कलाकार हैं। ये सभी काशी के विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए अपने सुझाव, तकनीक मुहैया कराएंगे। इसके अलावा 10 संगठन हैं जो पर्यटन, व्यापार, हस्तकला को बढ़ावा देने में सहयोग करेंगे। साथ ही 10 ऐसी कंपनियां हैं जो कॉरपोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी के तहत कुंडों, तालाबों, पार्कों, नदियों और शहर की साफ-सफाई में मदद करेंगी।
वहीं, कल्याण डोंबीवली नगर निगम की ओर से दो दिवसीय स्मार्ट सिटी शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए महापौर रामगोपाल मोहले शुक्रवार को मुंबई पहुंचे। सम्मेलन में देशभर से विशेषज्ञ, नीति निर्माता और विद्वान हिस्सा ले रहे हैं। शुक्रवार को सम्मेलन का उद्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने किया। मेयर रामगोपाल मोहले विशिष्ट अतिथि थे। सम्मेलन में केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी अभियान को सफल बनाने के लिए कार्ययोजना पर मंथन हुआ। होगा। शनिवार को भी सरकारी और निजी क्षेत्र मिलकर किस तरह से शहर को स्मार्ट बनाने में मदद करेंगे और बुनियादी ढांचे का विकास कैसे होगा, इस पर तकनीक तथा विशेषज्ञता के अनुभवों को साझा किया जाएगा।