मंडलायुक्त ने बताया कि जल शव वाहिनी का संचालन एनडीआरएफ और जल पुलिस मिलकर करेगी। वहीं जल एंबुलेंस का संचालन एनडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग करेगा। वाटर टैक्सी का संचालन सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनी से कराने पर विचार चल रहा है।
फैसिलिटी बोट के आने पर टैक्सी का किराया भी तय किया जाएगा ताकि ईंधन और संचालन का व्यय यात्री टिकट से निकाला जा सके। संभावना है कि मई से वाटर टैक्सी का संचालन शुरू हो जाएगा।