जिले में लगभग 35 तालाब हैं। ये आसपास की नहरों से जुड़े हैं। सिंचाई विभाग का दावा है कि सभी भर दिए गए हैं। जबकि हकीकत इससे कोसों दूर है। जिले में 6 ब्लाकों से 30 नहर, माइनर और रजवाहे गुजरे हैं। इनके किनारे के तालाबों में इन्हीं से पानी आता है। मगर, न नहर में पानी है और न तालाब में। जबकि पशु-पक्षियों के लिए तालाब ही सहारा होता है।
ज्ञानपुर नहर प्रखंड के उपखंड चतुर्थ में 15 और जौनपुर नहर प्रखंड के वाराणसी उपखंड से 17 तालाब जुड़े हैं। सहायक अभियंता प्रवीन कुमार ने बताया कि कुछ तालाबों को भरवा दिया गया है। जो नहरों से दूर हैं, वे नहीं भरे गए हैं।
सहायक अभियंता ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिले की नहरों में 25 जून से पानी आने लगेगा। प्रयागराज की गंगा से ही नजरों में पानी यहां आता है। अगर गंगा का जलस्तर बढ़ा तो 10 पंप चलाए जाएंगे। अन्यथा कुछ ही चलेंगे। उधर, शारदा सहाय नदी से भी पानी छोड़ा गया है। उम्मीद है कि वहां से एक सप्ताह में पानी आ जाएगा।