9 नवंबर 1978 को काशी में गंगा का जलस्तर 73.90 मीटर रहा। खतरे का निशान 71.26 और चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर है। बारिश का 60 फीसदी से अधिक जल गंगा के माध्यम से काशी पहुंचता है। गंगा के अपस्ट्रीम में अगले कुछ दिनों में ऐसी बारिश हुई तो काशी में गंगा की और सीढ़ियां डूबेगी। गंगा की डाउन स्ट्रीम गाजीपुर और बलिया तक पड़ेगा।
वरुणा और अस्सी में भी बढ़ा जलस्तर :
बारिश के चलते ही वरुणा नदी का भी जलस्तर बहुत ही बढ़ गया है। इससे वरुणा नदी के किनारे के घाटों पर पानी चढ़ गया है। इससे इलाके के लोग सतर्क हो गए हैं। वहीं असि नदी में भी जल का बहाव तेजी से बढ़ गया है।
न्यूनतम जलस्तर को पार किया :
गंगा में सामान्य रूप से 58 मीटर पानी होना चाहिए। तब जाकर गंगा का प्रवाह सही रहता है। गर्मी में गंगा उससे भी नीचे पहुंच गई थी। इससे शहर में पेयजल का संकट हो गया था। अब गंगा अपने न्यूनतम जलस्तर से सवा मीटर ऊपर हुई हैं।