गंगा में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा 12 मिलीग्राम प्रति लीटर और बीओडी 1 मिलीग्राम प्रति लीटर से कम नहीं होनी चाहिए। फीकल कोलिफार्म 500 प्रति 100 मिली लीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए।
संकट मोचन फाउंडेशन के प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र कहते हैं कि गंगा के जलस्तर में अभी और गिरावट आएगी। इसके साथ ही फीकल कोलीफार्म, बीओडी और डीओ के स्तर में बहुत ज्यादा अंतर देखने को मिलेगा। इससे जलीय जीवों पर संकट के साथ ही स्थानीय लोगों को भी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
गंगा में बह रहे हैं अभी भी नाले :
गंगा में अभी भी दर्जनों नाले सीधे गिर रहे हैं। दशाश्वमेध घाट के बगल में सीवर का पानी गंगा में गिर रहा है। इसी तरह मानसरोवर घाट, खिड़किया घाट पर पंपिंग स्टेशन लगा है। ललिताघाट पर सीवर का पानी गंगा में छोड़ा जा रहा है। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद घाट पर पंपिंग स्टेशन के पास गंगा के किनारे लोग शौच और नाविक रोजाना लघु शंका करते हैं। राणा महल घाट तो पूरी तरह शौचालय के रूप में तब्दील हो गया है।