सिकुड़ती गई गंगा, बढ़ती गई रेत :
चार सालों में गंगा का जलस्तर लगातार कम होता गया और रेत के टीले बढ़ते गए। 2015 में गंगा का न्यूनतम जलस्तर 58.67 मीटर था, जबकि 2016 में यह 58.52 मीटर रिकॉर्ड किया गया। 2017 में ये घटकर 58.27 मीटर रह गया। 24 अप्रैल 2018 को वाराणसी में गंगा का जलस्तर आठ सालों के न्यूनतम स्तर पर पहुंचा और वाटर लेवल 58.10 मीटर रिकॉर्ड हुआ। ये रिकॉर्ड भी टूट गया और 25 मई 2018 तक सेंट्रल वाटर कमीशन ने जलस्तर बनारस में 57.84 मीटर रिकॉर्ड किया। गुरुवार को गंगा का जलस्तर 58.13 मीटर दर्ज किया गया।
पानी का सीमित उपयोग करें :
जलकल संस्थान ने शहरवासियों से अपील की है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए पानी का सीमित उपयोग करें। पानी को बर्बाद होने से बचाएं। घर की धुलाई और पानी का छिड़काव न करें। इससे हजारों लीटर पानी बर्बाद होने से बचाया जा सकता है।