असम के जोरहाट यूनिट के लापता वायुसेना के विमान में सवार सभी 13 लोगों की मौत हो गई, इसमें बलिया के सूरज भी सवार थे। मौत की सूचना मिलते ही सूरज के घर में मातम छा गया है, लेकिन वहीं परिवार ने सूरज की पत्नी को उसकी मौत की सूचना नहीं दी है। परिजनों ने अब तक ये बात पत्नी शालू से छिपाए रखी है।
बलिया जिले के बैरिया क्षेत्र के शोभा छपरा निवासी सूरज सिंह की मौत आने की खबर आने से दो दिन पहले ही पत्नी शालू सिंह अपने मायके सोनबरसा चली गई। शहीद होने की सूचना मायके के लोग अभी शालू से छिपाए हुए हैं। परिजनों का कहना है कि जब अकेले बैठती है तो शालू रोने लगती है। अभी आस लगाए बैठी है कि सूरज शायद वापस आ जाए। जब मायके के लोगों के साथ बैठती है तो गुमसुम रहती है। मायके के लोगों ने बताया कि अभी सूचना देने से अनहोनी होने का डर है। सूरज का शव आने पर उसे जानकारी दी जाएगी।
गांव के लोगों की आंखों में आंसू :
लापता विमान में शहीद हुए सूरज के गांव के लोग गांव के मन्दिर पर गांव के युवा और वृद्ध गुमसुम शोक में बैठे है। लोगों का कहना है कि सूरज के ना होने से गांव अब सूना सा हो गया है। इन सभी की आंखों में आंसू छलक आए।