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वार्डों में अराजकता, दहशत में मरीज

Mon, 23 Jan 2017 02:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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वार्डों के बाहर रात में भी कोई सुरक्षा नहीं। मेन गेट भी रहता है खाली।
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ंसरकारी अस्पतालों में जिंदगी की जद्दोजहद के बीच दवा और समुचित इलाज के लिए मरीजों-तीमारदारों का जूझना तो आम बात है लेकिन अब वहां हत्या, बलात्कार और बच्चा चोरी की वारदातों ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वार्डों में निगरानी के लिहाज से होमगार्डों की तैनाती भी महज कागजों पर है। परिसर में पुलिस चौकी होने के बावजूद वार्डों में बाहरी लोगों के प्रवेश करने, शराबियों के हंगामा मचाने से मरीजों के साथ डॉक्टर और नर्स भी परेशान हैं।
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  कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में कभी इमरजेंसी के सामने बाइक चोरी तो कभी रात में वार्डों में घुसकर बाहरी लोगों के शोर मचाने की घटनाएं आए दिन होती हैं। दीनदयाल अस्पताल में 15 जनवरी को रेप की घटना हुई थी। वहां बाइक चोरी, वार्डों से मोबाइल चोरी जैसी घटनाओं से मरीज और उनके परिजन दहशत में रात गुजारने को मजबूर हैं।  
  मंडलीय अस्पताल में पिछले शनिवार की रात सर्जिकल वार्ड में घुस आए नशे में धुत युवक को मरीजों ने किसी तरह बाहर किया था। प्रमुख सचिव, डीएम, एडीएम आदि के दौरे के समय मरीजों और उनके परिजनों की ओर से सुरक्षा की व्यवस्था न होने की शिकायत की जा चुकी है। कुछ महीनों पहले तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर यहां होमगार्डों की तैनाती की गई थी लेकिन होमगार्ड कहीं नजर नहीं आते।
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  कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में कभी इमरजेंसी के सामने बाइक चोरी तो कभी रात में वार्डों में घुसकर बाहरी लोगों के शोर मचाने की घटनाएं आए दिन होती हैं। दीनदयाल अस्पताल में 15 जनवरी को रेप की घटना हुई थी। वहां बाइक चोरी, वार्डों से मोबाइल चोरी जैसी घटनाओं से मरीज और उनके परिजन दहशत में रात गुजारने को मजबूर हैं।  मंडलीय अस्पताल में पिछले शनिवार की रात सर्जिकल वार्ड में घुस आए नशे में धुत युवक को मरीजों ने किसी तरह बाहर किया था। प्रमुख सचिव, डीएम, एडीएम आदि के दौरे के समय मरीजों और उनके परिजनों की ओर से सुरक्षा की व्यवस्था न होने की शिकायत की जा चुकी है। कुछ महीनों पहले तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर यहां होमगार्डों की तैनाती की गई थी लेकिन होमगार्ड कहीं नजर नहीं आते।
 
  अस्पताल में चोरी, मारपीट की घटनाओं पर अंकुश के साथ निगरानी बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं लेकिन इसका कोई असर नहीं नहीं हुआ। वजह, कई अहम स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों का न लगना है। यहां एसआईसी कार्यालय, उसके बाहर, पैथालॉजी, आपरेशन थियेटर के साथ ही इमरजेंसी में कैमरे लगाए गए हैं। उन स्थानों पर कैमरे ही नहीं लगे हैं, जहां से परिसर में आने-जाने वालों पर नजर रखी जा सके। 
   कोतवाली पुलिस की ओर से भी अस्पताल प्रशासन से सभी गेट, इमरजेंसी के बाहर (जहां गाड़ियां खड़ी होती हैं) आदि जगहों पर सीसी कैमरे लगवाने के लिए कहा जा चुका है। सीओ कोतवाली अखिलेश सिंह ने बताया कि अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक से इस बारे में बातचीत की गई है कि सभी प्रमुख जगहों पर कैमरा लगवाया जाए।
 
 
दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल में 15 जनवरी को महिला के साथ रेप की घटना के बाद से यहां सुरक्षा व्यवस्था में कड़ाई की गई है। सुबह 8 बजे से 2 बजे तक ओपीडी खत्म होने के बाद अस्पताल में प्रवेश के सभी दरवाजे बंद कर दिए जा रहे हैं। सीएमएस डॉ. एसके उपाध्याय ने बताया कि दोपहर दो बजे के बाद केवल इमरजेंसी गेट खोला जा रहा है और यहां एक रजिस्टर रखवाया गया है, जिस पर हर आने जाने वाले का नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज किया जा रहा है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे से भी नजर रखी जा रही है। 
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