विधानसभा चुनाव के अंतिम दौर के लिए प्रचार का शोर रविवार 5 बजे से थम गया। सोमवार को चुनाव होने हैं, लेकिन अभी भी कुछ बूथों पर व्यवस्थाएं बदहाल हैं। आलम यह है कि कहीं बूथों पर नलों की टोटियों टूटी हुई हैं। शौचालय में बने बेसिन की पाइप टूटी है और गंदगी फैली हुई है। कई जगहों पर बूथों तक जाने वाले रास्ते टूटे हुए हैं। कई जगहों पर शौचालय की छत भी नहीं है। जिला प्रशासन ने पांच व छह मार्च तक सभी बूथों की स्थिति ठीक कर वहां सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही थी। लेकिन स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के कारण अभी स्थिति जस की तस है। वहीं कई जगहों पर रोड खराब होने के कारण मतदान केंद्रों पर जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
केस 1. दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में प्र्राथमिक विद्यालय कबीरचौरा बूथ पर टोटियां टूटी हुई हैं। शौचालय के बेसिन की पाइप टूटी है। वहीं साफ-सफाई का अभाव है।
केस 2. कैंट विधानसभा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सुंदरपुर बूथ तक जाने वाला रास्ता खराब है। वहां लोगों को जाने में परेशानियों को सामना करना पड़ सकता है।
केस3. शिवपुर विधानसभा क्षेत्र के छितमपुर प्राथमिक विद्यालय बूथ पर शौचालय में न तो छत है न ही दरवाजा है। बेसिन में पाइप तक नहीं है।
जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी निर्देश के बूथों पर ये व्यवस्थाएं होनी चाहिए :-
1- प्रत्येक बूथ के कमरे के अंदर अतिरिक्त बल्ब व सीएफएल की व्यवस्था की जाए।
2- बूथों पर इमरजेंसी लाइट की व्यवस्था की जाए।
3- प्रत्येक बूथ पर महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय तथा उसमें पानी व लाइट की व्यवस्था व रैंप आदि की पूरी व्यवस्था हो।
4- बूथों परिसर एवं कमरों में लाइट, सभी बूथों के खिड़की दरवाजे व कुंडी सही हो।
5- प्रत्येक मतदान केंद्रों में तथा उसके आसपास 200 मीटर की परिधि में ईंट- रोड़ा व गिट्टी- पत्थर इत्यादि न रखा जाए।
6- मतदान केंद्रों पर कर्मचारियों के लिए दरी, गद्दे, चारपाई के साथ-साथ मॉस्कीटो क्वाइल तथा फॉगिंग आदि की व्यवस्था हो।
7- सभी कर्मचारियों हेतु भुगतान के आधार पर भोजन की व्यवस्था करने तथा सरकारी विद्यालयों पर मीड डे मील के रसोइयों द्वारा खाना तैयार किए जाना है।
8- कोविड के दिशा निर्देशों के अनुसार प्रत्येक बूथ के सैनिटाईजेशन की व्यवस्था पांच मार्च से ही की जानी है।