खेल में जोर आजमाइश करतीं खिलाड़ी।
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कूल रहने, अग्रेसिव न होने की रणनीति कारगर रही : गुरजोत
सीनियर नेशनल वॉलीबॉल की पुरुष वर्ग की चैंपियन रेलवे टीम के कोच गुरजोत सिंह ने कहा कि केरल की टीम खिताब की मजबूत दावेदार थी। फाइनल मैच का दबाव दोनों ही टीमों पर था। हमने पहले ही तय कर रखा था कि मैच में ज्यादा आक्रामक नहीं होंगे। अपना स्वाभाविक खेल की खेलेंगे। मैच में खुद का कूल रखेंगे। हमारी रणनीति कारगर रही।
टीम के हरेक खिलाड़ी ने अपना सौ फीसदी प्रदर्शन किया और टीम स्वर्ण पदक की हकदार बनी। मूल रूप से पंजाब के रहने वाले गुरजोत सिंह ने कहा कि मैं महादेव का भक्त हूं। जिस दिन से हम काशी आए हैं, हमारी टीम ने नियमित रूप से बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर उनसे आशीर्वाद लिया है। उन्हीं की कृपा से हमें यह जीत नसीब हुई है।
खराब मौसम की वजह से टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इनडोर कोर्ट में अभ्यास का मौका भी कम मिला मगर तमाम मुश्किलों के बाद भी आज चैंपियन हैं। पूल मैच से ही हमने तय कर लिया था कि हम डिफेंस लाइन का अभेद रखेंगे। हमारे ब्लॉकर्स हर कसौटी पर खरे उतरे।
खिलाड़ियों ने नॉकआउट चरण में गलतियां कम कीं। फाइनल मुकाबले के बारे में पूछे जाने पर रेलवे टीम के कोच ने कहा कि यहां मुकाबला बराबरी का था। मगर हम सीधे सेटों में मुकाबला अपने नाम करने में कामयाब रहे। उन्होंने आयोजन को शानदार बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में खेल और खिलाड़ियों को मिले सम्मान से मन गदगद है।