खेल में जोर आजमाइश करतीं खिलाड़ी।
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चौथे सेट में रेलवे ने फिर वापसी की और 25-22 से जीतकर मैच को निर्णायक पांचवें सेट में धकेल दिया। हालांकि, अंतिम सेट में केरल के दमदार स्मैश और डिफेंस के आगे रेलवे बेबस दिखी और केरल ने 15-8 से सेट जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। केरल की इस कामयाबी के पीछे टीम की एकजुटता और रणनीतिक कौशल का बड़ा हाथ रहा।
टीम की जीत की मुख्य सूत्रधार रहीं अनुश्री ने अपनी कलाई के जादू और आक्रामक स्मैश से रेलवे के डिफेंस को पस्त कर दिया। हर निर्णायक मोड़ पर अनुश्री के सटीक प्रहारों ने केरल की झोली में अंक डाले। वहीं, डिफेंस की कमान शिवप्रिया जी. ने संभाली थी। लिबरो की भूमिका में शिवप्रिया ने मैदान पर गजब की फुर्ती दिखाते हुए रेलवे के तेजतर्रार हमलों को न सिर्फ रोका बल्कि उन्हें काउंटर अटैक में तब्दील करने का मौका भी बनाया। नेट पर अनघा आर. एक अभेद्य दीवार की तरह खड़ी रहीं। उनकी शानदार ब्लॉकिंग के कारण रेलवे की अनुभवी खिलाड़ी भी अंक चुराने के लिए संघर्ष करती दिखीं।
एक समय जब मैच फंसता नजर आया, तब नंदना वी. और अन्ना मैथ्यू ने अपने अनुभव का परिचय दिया। इन दोनों खिलाड़ियों ने तालमेल बिठाते हुए कोर्ट के कोनों का बखूबी इस्तेमाल किया और स्कोरबोर्ड में निरंतर बढ़त बरकरार रखी। शुरुआती लय बनाने में एन वी जैकब का योगदान भी सराहनीय रहा जिन्होंने सर्विस और पासिंग के जरिये टीम को वह आधार प्रदान किया जिस पर जीत की बुलंद इमारत खड़ी हुई। कोच डॉ. सदानंदन के मार्गदर्शन में इन छह खिलाड़ियों ने मैदान पर जो अनुशासन और जज्बा दिखाया, उसी का परिणाम है कि आज केरल की टीम नेशनल चैंपियन के रूप में उभरकर सामने आई है।
डिप्टी सीएम, मंत्री, मेयर और विधायकों ने बढ़ाया हौसला
फाइनल मैच के दौरान प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव मौर्य के साथ ही राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, यूपी वॉलीबाल संघ के महासचिव सुनील तिवारी, डाॅ. अभिमन्यु सिंह, डॉ. आशीष कुमार सिंह, विवेक सिंह, भारतीय वॉलीबाल महासंघ के रामऔतार सिंह जाखड़ समेत वीएफआई और यूपी वॉलीबाल संघ से जुड़े तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे।
इन सबने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। अतिथियों का स्वागत आयोजन समिति के अध्यक्ष मेयर अशोक कुमार तिवारी ने किया। मेयर ने कहा कि वॉलीबॉल के शानदार मैच खेले गए। सफल आयोजन का संदेश देश-दुनिया में अच्छा गया है। आयोजन सचिव सर्वेश पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
रेलवे की टीम में रहा तालमेल का अभाव
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से सुसज्जित रेलवे की महिला जैसी मजबूत टीम का फाइनल में हारना खेल प्रेमियों के लिए चौंकाने वाला रहा। मैच जब पांचवें और निर्णायक सेट में पहुंचा, तो रेलवे की टीम दबाव में बिखर गई। जहां केरल ने आक्रामकता दिखाई, वहीं रेलवे के खिलाड़ी रक्षात्मक हो गए। रेलवे की हार का सबसे बड़ा तकनीकी कारण उनका फर्स्ट पास रहा। केरल की तेज सर्विस को रिसीव करने में रेलवे की खिलाड़ी कई बार नाकाम रहीं। इसके अलावा, चौथे सेट के बाद रेलवे ने कई महत्वपूर्ण मौकों पर सर्विस नेट में मारी या बाहर फेंकी जिससे केरल को मुफ्त के अंक उपहार में मिले।
रेलवे की पुरुष टीम ने केरल को 3-0 से हराया
रेलवे की पुरुष टीम ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए फाइनल मुकाबले में केरल को सीधे सेटों में 3-0 से पराजित कर चैंपियनशिप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। पूरे मैच के दौरान रेलवे के खिलाड़ियों ने तालमेल और आक्रामक खेल का ऐसा प्रदर्शन किया कि केरल की टीम एक बार भी मैच में वापसी का मौका नहीं मिल सका। रेलवे के कप्तान अंगामुथु ने टीम की कमान संभालते हुए शुरुआती सेट से ही केरल पर मानसिक दबाव बनाने में कामयाब रहे।
उनके पावरफुल स्मैश मैच के टर्निंग पॉइंट रहे। रोहित कुमार ने शानदार खेल का कौशल दिखाते हुए अंक जुटाए और टीम के आक्रमण को धार दी। जॉर्ज एंटनी ने नेट पर अपनी लंबाई और टाइमिंग का फायदा उठाते हुए केरल के हमलों को नाकाम किया। एमिल टी. जोसेफ ने कोर्ट के बीच से आक्रामक खेल का प्रदर्शन कर विपक्षी रक्षापंक्ति को भेदा। समीर सीएच ने मैच के अंतिम क्षणों में निर्णायक अंक बटोरकर टीम की जीत सुनिश्चित की।
आनंद के. ने लिबरो के रूप में कोर्ट पर बिजली जैसी फुर्ती दिखाई और कई इम्पॉसिबल गेंदों को उठाकर खेल में जान फूंकी। केरल के सेथु टी.आर. कप्तान के तौर पर संघर्ष किया और अपनी टीम के लिए प्रमुख स्कोरर रहे। एरीन वर्गीस ने रेलवे के ब्लॉकर्स को छकाकर कुछ अच्छे अंक हासिल किए। मुजीब एम.सी. व राहुल के. ने तालमेल के साथ रेलवे के आक्रमण को रोकने का प्रयास किया।
आठ दिन में 58 टीमों से 1044 खिलाड़ियों ने खेले मैच
चैंपियनशिप चार जनवरी से सिगरा स्टेडियम में खेली जा रही थी। आठ दिनों में महिला और पुुरुष वर्ग की 58 टीमों के बीच मुकाबला हुआ। इसमें 1044 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इस चैंपियनशिप का आयोजन पहली बार काशी में हुआ है। इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आॅनलाइन किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आए थे।