रेलवे मेंस पेंशनर्स एसोसिएशन ने रविवार को आवासीय भत्ता और कैशलेस इलाज की सुविधा के लिए आवाज बुलंद की। उत्तर रेलवे के सामुदायिक केंद्र में हुए अधिवेशन में पेंशनर्स ने चिकित्सा भत्ते में बढ़ोतरी के लिए भी पुरजोर आवाज उठाई। कहा कि हर पेंशनर को कैशलेस इलाज का कार्ड जारी किया जाए।
मुख्य अतिथि आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र ने कहा कि रेलवे में पेंशनर्स की संख्या साढ़े ग्यारह लाख पहुंच गई है। तमाम प्रयासों के बावजूद पेंशनर्स की समस्याएं बनी हुई हैं। कहा कि पेंशनर्स की समस्याओं की अनदेखी बरदाश्त नहीं की जाएगी। हर स्तर पर इसके लिए आवाज उठाई जाएगी। अधिवेशन में वक्ताआें ने एक जनवरी 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को न्यू पेंशन स्कीम के तहत रखे जाने की आलोचना की और इसे सामाजिक सुरक्षा से वंचित किए जाने वाला फैसला कहा।
विशिष्ट अतिथि डीएलडब्ल्यू के महाप्रबंधक राकेश एरेन ने रिटायर्ड रेल कर्मियों को भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। महामंत्री डॉ. प्रदीप शर्मा ने रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि पेंशनर्स रिटायर्ड हैं परंतु ‘टायर्ड’ नहीं, उन्हें अपनी समस्याओं से निजात पाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। नर्मू के केंद्रीय अध्यक्ष एसके त्यागी ने सरकार से मांग की कि पेंशनर्स की समस्याएं प्राथमिकता के तौर पर हल की जाएं। कहा कि संगठन भी अपने स्तर से इसके लिए प्रयासरत है। लखनऊ मंडल के मंत्री आरके पांडेय और अध्यक्ष राजेश सिंह के अलावा डीएन चौबे, एलएन पाठक, आरपी सिंह, एनवी सिंह, वीके सिंह, अरविंद श्रीवास्तव ने भी विचार व्यक्त किए। कोषाध्यक्ष उमाकांत मिश्र ने लेखा-जोखा पेश किया। स्वागत एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष रामजी श्रीवास्तव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन वीपी शुक्ला ने किया।
यूपी कॉलेज प्रशासन द्वारा निलंबन के विरोध में छात्रसंघ महामंत्री अनुपम नागवंशी का धरना तीसरे दिन रविवार को भी जारी रहा। प्रशासनिक भवन पर धरने पर बैठे अनुपम और उसके समर्थक निलंबन वापसी न होने तक अपनी मांग पर अड़े हैं। अनुपम ने बताया कि मेस में छात्रों की समस्या सहित खेल कोटे में प्रवेश की अनियमितता की शिकायत करने पर कॉलेज प्रशासन ने साजिशन कार्रवाई की, जिसका विरोध जारी रहेगा।