वाराणसी। वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा में बुधवार को सांस्कृतिक एवं साहित्यिक मंच ‘सर्जना’ के समापन और वार्षिकोत्सव समारोह में छात्राओं ने शानदार प्रस्तुतियों से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित की। गीत, नृत्य और अभिनय से छात्राओं ने समा बांध दिया। अंत में छात्रा चांदनी को सर्जना क्वीन का खिताब नवाजा गया।
समारोह का उद्घाटन करते हुए प्राचार्य डा. कुसुम मिश्रा ने कहा कि कॉलेज के विकास में छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने सर्जना के तहत हुई प्रतियोगिताओं की विजेताओं को पुरस्कृत किया। वार्षिकोत्सव का शुभारंभ छात्राओं ने कुलगीत से किया। इसके बाद अंशिता शेखर ने ‘मोबाइल की महिमा’ शीर्षक पर मोनोएक्टिंग पेश की। छात्राओं ने ‘मुद्दा पुनर्जन्म का’ विषयक लघु नाटिका से खूब वाहवाही लूटी। इसके बाद मोहिनी
मिश्रा ने गजल असर उसको जरा नहीं होता... से समां बांध दिया। बिहू नृत्य और वेस्टर्न गीतों की प्रस्तुतियां भी सराहनीय रहीं। मुख्य अतिथि थियोसॉफिकल सोसाइटी के अध्यक्ष एस सुंदरम ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अंत में चांदनी मूलचंदानी को ‘सर्जना क्वीन’ और सुनयना यादव को ‘स्पिरिट ऑफ सर्जना’ का खिताब दिया गया। रचनात्मक योगदान के लिए प्रचिता पांडेय को विशिष्ट प्रतिभा पुरस्कार दिया गया। संचालन डॉ. सीमा वर्मा और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. बीना सिंह ने किया।