मेयर रामगोपाल मोहले की पत्नी पूजा मोहले आैर काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत डॉ. कुलपति तिवारी सरीखे कई बड़े नाम मतदाता सूची से गायब थे। आठों विधानसभा सीटों के कई बूथों पर कई लोगें के नाम वोटर लिस्ट से नदारद थे। वोटर लिस्ट तैयार करने में बरती गई लापरवाही को लेकर बुधवार को नगर निगम मतदान केंद्र पर लोगों ने विरोध किया। लिखित शिकायत के साथ ही पीएम को ट्वीट भी किया। विरोध की सूचना पर पहुंचे अधिकारियों की मौजूदगी में केंद्र का मतदान निरस्त कर दोबारा कराने की मांग की गई। उधर, बीएलओ को घर-घर मतदाता पर्ची पहुंचाने का निर्देश दिया गया था लेकिन लापरवाही बरती। जिला निर्वाचन अधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने कहा कि मतदाता पर्ची न पहुंचाने की बीएलओ की भूमिका की जांच कराई जाएगी।
भगवानदास कॉलोनी, गांधीनगर कॉलोनी के लोग जब नगर निगम केंद्र पर वोट डालने पहुंचे तो उनका नाम ही वोटर लिस्ट में नहीं मिला। लोग इस केंद्र पर दोबारा मतदान की मांग कर रहे थे। अधिकारियों से लिखित शिकायत की। कैंटोनमेंट स्थित कई बूथों पर परिवार के आधे सदस्यों के नाम नहीं थे। रामनगर में 39 बूथों पर कई लोगों का नाम लिस्ट मे नहीं था, वे नाराज दिखे। उधर, रमना ग्राम प्रधान आरती पटेल का नाम सूची में नहीं था।
पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में हिरावनपुर के बूथ 332 पर महेंद्र पाठक, इंद्रजीत, सीमा, दीपांजलि, सरिता, दीपक पाठक वोटर कार्ड लेकर बूथ पर पहुंचे लेकिन नाम सूची में नहीं था। लोग हंगामा करने लगे। पुलिस को देख वापस चले गए।
आदर्श मतदान केंद्र नरोत्तमपुर के सिहोरवा में मतदाता सूची में नाम न होने पर सुनील सिंह, भूपेंद्र सिंह, कन्हैया और गोपाल सहित अन्य लोगों ने हंगामा किया। बीएलओ पर कार्रवाई की मांग की। कुछ ऐसी ही शिकायत भवानीपुर और गोविंदपुर गांव से भी आई। जंसा के चकपतेर में वोटर लिस्ट में नाम न होने पर लोगों ने हंगामा किया।
उधर, नवापुरा के संतोष शहर उत्तरी के बूथ नंबर 178 पर वोट देने पहुंचे तो नाम ही सूची में नहीं था। फुलवरिया के पलही के पुरा बूथ पर पहुंची सलमा बेगम के नाम पर वोट पड़ चुका था। चांदपुर के सरस्वती पीजी कॉलेज पर पहुंचे योगेंद्र पटेल के नाम पर भी कोई और वोट देकर चला गया था।