महत्वाकांक्षी विश्वनाथ गली चौड़ीकरण योजना पर बुधवार को काम शुरू हो गया। तंग गली को चौड़ा करने के लिए राजकीय निर्माण निगम के अभियंताओं के साथ एक आर्किटेक्ट कंपनी के कर्मचारियों ने नापी कराई। इस योजना पर तीन चरणों में काम होगा। पहले चरण में कोतवालपुरा से ढुंढिराज प्वाइंट-अन्नपूर्णा मंदिर तक गली का विस्तार किया जाएगा। ढुंढिराज द्वार बनाए जाने का भी प्रस्ताव है। गली की नापी के बाद हलचल बढ़ गई है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्याम नारायण त्रिपाठी के निर्देश पर बुधवार की शाम गली की नापी कराई गई। कोतवालपुरा तिराहे से ढुंढिराज गणेश प्वाइंट और प्वाइंट से अन्नपूर्णा मंदिर तक नापी कराई गई। नापी के आधार पर ही चौड़ीकरण योजना का प्रस्ताव न्यास परिषद की अगली बैठक में रखा जाएगा। महीने भर पहले ढुंढिराज गणेश प्वाइंट की जर्जर छत को गिराए जाने के बाद इस योजना पर काम शुरू हुआ है। इसके लिए आसपास के भवन स्वामियों से मंदिर प्रशासन की दो दौर की बैठकें हो चुकी हैं, ताकि इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए सहमति बनाई जा सके। गली के चौड़ीकरण के लिए मंदिर प्रशासन ने दोनों पटरियों को अतिक्रमणमुक्त कराने के साथ ही कुछ भवनों को खरीदने की पहल की है।
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीएन द्विवेदी ने बताया कि 1883 के जेम्स प्रिंसेप के नक्शे में विश्वनाथ गली तीन मीटर से ज्यादा चौड़ी थी। अब अतिक्रमण हो जाने की वजह से एक से डेढ़ मीटर ही रह गई है। गली को फिलहाल पुराने स्वरूप में लाना बदली परिस्थितियों में व्यावहारिक नहीं रह गया है। इसके लिए आसपास के मकान खरीदने के लिए मंदिर प्रशासन तैयार है। आपसी सहयोग और समन्वय से गली का चौड़ीकरण किया जाएगा। जानकारों का कहना है कि यह गली पहले सिर्फ श्रद्धालुओं के मंदिर जाने के लिए इस्तेमाल की जाती थी मगर बाद में सघन बाजार बस गया।