डीएम कार्यालय का चक्कर काटने के बाद भी अगर शिकायत दूर नहीं हो रही है तो परेशान न हों। ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। इसकी खासियत यह है कि मामले के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता संबधित अधिकारी की ग्रेडिंग कर सकेगा। शिकायतकर्ता के असंतुष्ट होने पर शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय को स्थानांतरित हो जाएगी। फिर सीएम की निगरानी में शिकायत दूर की जाएगी।
सूबे के सभी जिलों में जिलाधिकारी की निगरानी में समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) गठित की गई है। आईजीआरएस के तहत शिकायतकर्ता jansunwai. up.nic.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके जरिये शिकायत के निस्तारण की स्थिति भी ट्रैक की जा सकेगी। शिकायत के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता को संबंधित अधिकारी की ग्रेडिंग का भी मौका मिलेगा। पांच में से दो स्टार देने पर आपको असंतुष्ट माना जाएगा। एक्सलेंट, एवरेज और पुअर समेत तीन ऑप्शन भी मिलेंगे। अगर एक्सलेंट पर टिक करेंगे, तब पूरी तरह से संतुष्ट माना जाएगा। निस्तारण से संतुष्ट नहीं हैं तो असंतुष्टि के कारणों का विस्तृत विवरण फीडबैक बॉक्स में डालना होगा। इस आशय का शासनादेश पिछले सप्ताह मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने जारी किया है।
डीएम के अधीन किसी अफसर से संबंधित मामला है तो शिकायत उस तक ट्रांसफर हो जाएगी। अगर डीएम की कार्रवाई से भी संतुष्ट नहीं हैं तो मामला सीएम दफ्तर ट्रांसफर हो जाएगा। डीएम से इस संबंध में जवाब तलब भी किया जाएगा।