एक ओर जहां सीएम योगी आदित्यनाथ ने मदरसों की सूरत बदलने की कवायद तेज कर दी है, वहीं दूसरी ओर मोदी के खास माने जाने वाले मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के चांसलर जफर सरेशवाला भी काशी के मदरसों को हाईटेक बनाने में लगे हुए हैं।
उनकी पहल पर अब शहर के दो अन्य मदरसों में वर्चुअल क्लास शुरू होने जा रही है। मदरसा बहरुल उलूम छित्तनपुरा और मदरसा मजहरुल उलूम गोलगड्डा में वर्चुअल क्लास शुरू करने की कवायद तेज कर दी गई है।
मदरसों को दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम से जोड़ने के लिए अराइज एंड अवेक संस्था की ओर से इसी साल फरवरी में मदरसा दायरतुल इस्लाहे चिराग-ए-उलूम में वर्चुअल क्लास की शुरुआत की गई। वर्चुअल क्लास के जरिये मदरसा छात्रों अंग्रेजी, गणित और विज्ञान जैसे विषय ऑनलाइन पढ़ाए जा रहे हैं। ये प्रयोग यहां काफी सफल भी हुआ।
इसे देखते हुए मदरसा चिराग-ए-उलूम निस्वां (छात्राओं का मदरसा) में इसकी शुरुआत हुई। इन दोनों मदरसों में शुरू किए गए वर्चुअल क्लास से करीब ढाई हजार से छात्र-छात्राएं जुड़ गए हैं।
अब इस दायरे को बढ़ाने के लिए मदरसा बहरुल उलूम और मदरसा मजहरुल उलूम में इसकी शुरुआत की जा रही है। वर्चुअल क्लास का संचालन कर रहे एमए कैफी ने बताया कि अगले दो महीने के अंदर इन दोनों में मदरसों में इसे शुरू कर दिया जाएगा।