रोजा रखें कोई नहीं जानेगा, लेकिन रोजा के वक्त हमारा व्यवहार कैसा है यह सब देखेगा। हम हज करें कोई नहीं पूछेगा लेकिन हज के बाद हम कैसे रहते हैं कितना सच बोलते हैं, हम कैसी जिंदगी जी रहे हैं यह सब देखेगा। डॉ. जावेद ने मुसलमान भाइयों से कहा कि कोई हमारी मजहबी किताबों को आकर नहीं पढ़ेगा कि अल्लाह और उसके रसूल ने क्या कहा और उन किताबों में क्या लिखा है?