वासंतिक नवरात्र के दौरान विंध्याचल में त्रिकोण परिक्रमा करने वाले भक्तों के लिए खुशखबरी है। त्रिकोण परिक्रमा के लिए पहली बार बस सेवा शुरुआत हुई है। शुक्रवार को मिर्जापुर नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र ने हरी झंडी दिखा कर इसकी शुरुआत की।
नवरात्र में काली खोह और अष्टभुजा के रास्ते त्रिकोण परिक्रमा करने वाले भक्तों के लिए बस सेवा शुरू की गई है। मात्र 60 रुपये में इस बस से यात्रियों को 12 स्थानों पर घुमाया जाएगा। श्रद्धालु इस बस से त्रिकोण परिक्रमा के अलावा नाग कुंड, भैरव मंदिर, बावन वीर मंदिर, काली खोह, सीताकुंड, मोतिया तालाब, गेरूआ तालाब, अष्टभुजा मंदिर, शिवपुर स्थित रामेश्वर मंदिर एवं रामगया घाट स्थित मां तारा देवी मंदिर जाकर दर्शन कर सकेंगे।
इसके अलावा नवरात्र मेले के दौरान माता के दर्शन का समय भी तय किया गया है। 24 घंटे में होने वाली चारों आरतियों के दौरान मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। मंगला आरती के लिए भोर में चार से पांच बजे तक, राजसी आरती के लिए दोपहर 12 से एक बजे तक, छोटी आरती के लिए शाम सात से आठ बजे और बड़ी आरती के लिए रात साढ़े नौ से साढ़े दस बजे तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे।
बता दें कि देश के तमाम स्थानों पर शक्तिपीठ और विंधयांचल को सिद्धपीठ के नाम से जाना जाता है। यहां माता अपने तीनों रूप महालक्ष्मी, महाकाली व महासरस्वती के रूपों में तीन कोण पर विराजमान हो कर भक्तों को दर्शन देती हैं।
तीनों देवियों के त्रिकोण का दर्शन व परिक्रमा का विशेष महात्म्यपुराणों में किया गया है। देश के कोने-कोने से आने वाले भक्त मातारानी के दर पर मत्था टेकते हैं। साथ ही तीनो देवियों से बने त्रिकोण परिक्रमा भी करते हैं।