लात नहीं मारी बल्कि पैर से इशारा किया था
भले ही प्रभारी निरीक्षक विंध्याचल वीडियो में युवक को पीछे से लात मारते नजर आ रहे हों पर पुलिस विभाग इसे लात मारना नहीं मानता। वे कोतवाल के पैर चलाने को पैर से इशारा करना बता रहे हैं। मीडिया सेल की जारी विज्ञप्ति में स्पष्टीकरण दिया गया है कि थाना विंध्याचल प्रभारी निरीक्षक शेषधर पांडेय अकोढ़ी में हुई मारपीट व मौत के मामले में दिनभर अधिकारीगण के साथ शांति व्यवस्था और देर रात तक शव के दाह संस्कार तक मौजूद रहे।
इसी बीच ग्राम गोपालपुर मडगुड़ा में कर्णावती नदी में डूबे व्यक्ति गुड्डू उर्फ दारा की तलाश भी करवाते रहे और एक अन्य घटना जिसमें एक नाविक शिवजगत जो बबुरा घाट पर नदी में गिर कर डूब गया था उसकी भी तलाश रात्रि भर करवाते रहे। सुबह वापस आए तो पूर्ण रूप से विश्राम भी नहीं कर पाए थे कि दिवान घाट पर शैलेश सिंह की डूबने की सूचना प्राप्त हुई तो तत्काल पहुंचे।
प्रभारी निरीक्षक द्वारा कोरोना से बचाव के चलते आस पास जमा लोगों को पीछे जाने और दूर-दूर रहने को कहने लगे। मोबाइल पर बात करने, व्यस्तता, कार्य की अधिकता व लगातार दिनरात जगे रहने से उलझन में उन्होंने युवक को पैर से इशारा कर हटाने का प्रयास किया जो तेजी से लग जाने से बीरबल घाट के किनारे फिसलन होने के कारण युवक गिर गया। हालांकि भीड़ होने के बावजूद कोतवाल ने सही ढंग से मास्क भी नहीं लगाया था।